चार दिन पूर्व हुई थाना यमुनापार क्षेत्र में गांव ढहेरुआ निवासी शटरिंग मजदूर खन्ना की हत्या का शुक्रवार को एसपी देहात अजय कुमार ने खुलासा कर दिया। उनके अनुसार खन्ना की हत्या उसके बहनोई रामवीर सिंह जाटव निवासी कुम्हेर राजस्थान ने उसकी पत्नी की सहमति पर गला घोंटकर और सिर पर प्रहार कर की थी। आरोपी के अवैध संबंध मजदूर की पत्नी से थे। उसे इस संबंध में पता चल गया था और वह इसका विरोध करता था।
बताए अनुसार रामवीर सिंह जाटव के अवैध संबंध दो वर्ष से खन्ना की पत्नी कुसमा से थे। खन्ना को इस बात का पता चल गया था और वह इसका विरोध करता था। इस पर रामवीर ने कुसमा की सहमति से खन्ना की हत्या की योजना बनाई। 27 अप्रैल की शाम रामवीर सिंह जाटव ने अपने साले शटरिंग मजदूर खन्ना को रेलवे लाइन के किनारे बुलाया। यहां उसे खूब शराब पिलाई और उसका गला घोंटकर मार दिया।
बाद में रेलवे लाइन पर पड़े पत्थर उसके सिर में मारे। 28 अप्रैल को खन्ना का शव मिलने पर मृतक के पिता भागचंद्र ने बीएसए कालेज रोड निवासी शटरिंग ठेकेदार अजीत सिंह को नामजद कराया था। यमुनापार पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर शव का पोस्टमार्टम कराया। एसएसपी ने इस मामले के खुलासे के लिए सर्विलांस प्रभारी बबलू सिंह और यमुनापार पुलिस को लगाया। सर्विलांस प्रभारी ने मामले के तकनीकी पहलुओं को परखा तो खन्ना के बहनोई रामवीर सिंह जाटव निवासी कुम्हेर राजस्थान की संलिप्तता मिली। एसपी देहात ने टीम को नकद पांच हजार ईनाम दिया।
पोस्टमार्टम से अंतिम संस्कार तक साथ रहा हत्यारोपी
रात को खन्ना की हत्या के बाद उसके हत्यारोपी बहनोई राजवीर ने सबसे ज्यादा हंगामा किया और ससुरालियों को ठेकेदार के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने को राजी किया। सबसे आगे जाम लगाने का प्रयास करने लगा। पोस्टमार्टम हाउस पर सबसे ज्यादा सहानुभूति जताता रहा और अंतिम संस्कार तक साथ रहा। पुलिस ने जब ठेकेदार अजित सिंह को हिरासत में ले लिया तो वह निश्चिंत होकर कुम्हेर चला गया, लेकिन पुलिस की नजर में उसकी हरकतें चढ़ गई थीं। परिवारीजनों संग दबाव बनाकर गलत नामजदगी में राजवीर लगातार पुलिस पर दबाव बनाता रहा। सर्विलांस प्रभारी के सही समय पर असल अपराधी को ट्रेस कर लेने से ठेकेदार अजीत जेल जाने से बच गए।