बालिका की हत्या के आरोपियों के वाल्मीकि बिरादरी से होने के चलते गुस्साई भीड़ ने बस्ती में जमकर तोड़फोड़ की। कई घरों के दरवाजे तोड़कर अंदर घुसने के बाद सामान तोड़ डाला। टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, बाइक आदि को नुकसान पहुंचाया। दरवाजे और जंगलों को कुल्हाड़ी से काट दिया। बस्ती में रह गई महिलाओं में से ओमी, सोनी और एक अन्य महिला समेत वृद्ध उर्मिला को कमरे के दरवाजे तोड़कर बाहर निकालकर जमकर पीटा गया।
बस्ती में सिर्फ तीन महिलाएं अशर्फी देवी पत्नी सूरज, सोनदेई पत्नी बदन सिंह, उर्मिला पत्नी बलवीर सिंह और बलवीर रह गए हैं। बाकी लोग बस्ती छोड़ गए। उन्होंने बताया कि ओमी, सोनी और एक अन्य महिला को बुरी तरह से पीटा गया। गंभीर हालत में तीनों को ही आगरा रेफर किया गया है। उर्मिला पास में ही बिछी चारपाई पर कराह रही थीं। उन्होंने बताया कि बस्ती में करीब दस-बारह ही घर हैं।
इनमें रहने वाले लोगों को भनक लग गई थी कि गुस्साई भीड़ बवाल कर सकती है। इस आशंका को देखते हुए सभी लोग भाग गए। जो नहीं भाग सके, वह अपने घरों के कमरों में छिप गए लेकिन भीड़ ने दरवाजों को कुल्हाड़ी से काटकर तोड़ दिया और जो भी मिला उसको पीटा। जानवरों को भी खोल दिया। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी हुआ।