सौंख रोड स्थित आजाद नगर कालोनी के निकट से अंश यादव के अपहरण में किसी नजदीकी का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अपहर्ताओं के निकट पहुंच गई है। बालक को बरामद करने के लिए पांच पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
13 अगस्त को दोपहर डेढ़ बजे स्कूल से बड़े भाई के साथ लौट रहे अंश यादव (3) पुत्र अभिषेक यादव का स्कूटी सवार दो युवकों ने अपहरण कर लिया था। दिनदहाड़े अपहरण की वारदात से पुलिस में हड़कंप मच गया है। बालक की बरामदगी के लिए स्वाट, सर्विलांस, कोतवाली, कृष्णानगर चौकी और सीओ सिटी के नेतृत्व में पांच टीम लगाई गई हैं।
टीम के लोगों ने देर रात तक परिवारीजनों से पूछताछ की और परिचितों के नंबर लिए। सर्विलांस टीम ने परिवारीजनों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल निकलवाई है। उसमें 10 से ज्यादा ऐसे नंबर मिले हैं जो शक के दायरे में हैं। पुलिस उन नंबरों को लेकर कार्रवाई कर रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार बालक के अपहरण किसी अपने का ही हाथ है। रविवार को पुलिस ने गोवर्धन रोड और बरसाना के एक गांव में दबिश दी, लेकिन बालक नहीं मिला। पुलिस के अनुसार अंश यादव को शीघ्र बरामद कर लिया जाएगा।
हाईवे पर गोवर्धन चौराहे की ओर ले भागे थे अपहर्ता
अभी तक की विवेचना के आधार पर पुलिस मान रही है कि अंश का अपहरण कर अपहर्ता मंडी समिति चौराहे से गोवर्धन की ओर भागे थे। इसमें अपहर्ताओं ने हाईवे को क्रॉस नहीं किया। वे तेजी से सिक्स लेन की बगल में बन रही सर्विस रोड से होकर गुजरे।
पुलिस ने अपहर्ताओं की दिशा जानने के लिए हाईवे पर दुकानदारों के यहां लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे। इसमें तीन अस्पताल और अन्य प्रतिष्ठान के सीसीटीवी कैमरों में अपहर्ता बालक को ले जाते हुए दिख रहे हैं।
एसटीएफ को भी दी गई जिम्मेदारी
बालक अंश की बरामदगी के लिए पुलिस प्रशासन ने एसटीएफ को लगाया है। आगरा और लखनऊ से आए एसटीएफ के जवानों ने अंश यादव के परिवारीजनों से मुलाकात की और जरूरी जानकारी जुटाई। मामले में रविवार सुबह सिटी मजिस्ट्रेट रामअरज यादव और सीओ सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने अंश यादव के परिवारीजनों से मुलाकात की।
परिवारीजनों ने पुलिस कार्रवाई को नाकाफी बताया। मामले मेें दोनों अधिकारियों ने डीएम और एसएसपी को अवगत कराया। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि मामले में एसटीएफ को भी लगाया गया है।