तेल माफिया मनोज गोयल के पुलिस अफसरों से गहरे संबंध हैं। इन्हीं संबंधों का वह लाभ उठा रहा है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि पुलिस वालों को पता होता है कि वह कहां है लेकिन उस स्थान पर कोई दबिश ही नहीं देता।
मथुरा रिफाइनरी की जालंधर पाइप लाइन में सुरंग बनाकर सेंध लगाने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने जरूर पकड़ लिया लेकिन उसके बाद तो मानो पुलिस केवल कागजों में दबिश दिखाकर कार्रवाई पूरी कर रही हो।
अभी तक तेल माफिया मनोज गोयल, पालीखेड़ा के प्रधान सुजीत चौधरी, ठाकुर सुरेश सिंह समेत 13 फरार आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर बने हुए हैं, पर पुलिस इन सभी के करीब तक नहीं पहुंच सकी। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मथुरा पुलिस इन सभी की आजतक लोकेशन तक नहीं पता लगी सकी है।
केवल यह दावा करती रही कि उसकी लोकेशन मिल गई और जल्द ही गिरफ्तारी हो गई। अब तो लोगों की जुबां पर यह है कि पुलिस के शिकंजे में नहीं आ सके तेल माफियाओं को पकड़ने में पुलिस की रणनीति फेल साबित हो रही है।
तेल माफियाओं को पकड़ने में जुटी क्राइम ब्रांच
मनोज गोयल समेत पांच तेल माफियाओं के वारंट मिलने के क्राइम ब्रांच की टीम सुरागशी में जुट गई है। अब देखना यह है कि इन पांचों तेल माफिया कब तक पुलिस की पकड़ में आते हैं। इससे पहले हाईवे पुलिस इन तेल माफियाओं को पकड़ने में पूरी तरह से नाकाम रही थी।