अपर जिला जज कोर्ट संख्या पांच ने गैंगवार में हुई चार लोगों की हत्या के मामले में दोषी पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में पांच आरोपी अभी फरार चले आ रहे हैं। मथुरा जिले में यह सनसनीखेज वारदात 19 अप्रैल 2014 को रात 11 बजे हुई थी।
शेरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव विशंभरा में दो पक्षों के बीच लंबे समय से चली आ रही गैंगवार में घटना हुई थी। गांव के शमशाद ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि भिज्जू, अजीज, मोविन और मौसम किसी काम से कोसी गए थे और घटना के वक्त टैंपो से गांव लौट रहे थे।
गांव में महरौली कब्रिस्तान के पास पहले से घात लगाकर बैठे फकरु, पन्ना, हब्बी, नक्सर, नवाब, हारुन, खुशी खां, शमशु, रईस और जमशेद ने टैंपो को रुकवा लिया और चारों को नीचे उतारकर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
चारों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि गुल्ला गंभीर रूप से घायल हो गया था, उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। चार लोगों की हत्या में नामजद पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया, जबकि रईस, शमशु, हारुन, खुशी खां और जमशेद अभी तक फरार चले आ रहे हैं।
इस मामले की सुनवाई एडीजी पांच वीर कनेडी लाल की अदालत में चल रही थी। कोर्ट ने गवाहों के बयान और पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर बरामद आला कत्ल, गवाहों के बयान और पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर फकरू, पन्ना, हब्बी, नक्सर और नवाब को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एडीजीसी मदन मोहन उपाध्याय ने बताया कि 18000 का जुर्माना भी हुआ है।
गैंगवार में जा चुकी है कई लोगों की जान
विशंभरा गांव में गैंगवार अरसे से चल रही थी। यदि एक गुट किसी की हत्या कर देता था दूसरा बदला लेने को मारता। इसमें दस से भी ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। 19 अप्रैल 2014 को जो चार लोगों की हत्या हुई थी वह भी खुर्शीद व हुकमू की हत्या का बदला लेने के लिए की गई थी।
विशंभरा के साहून को भी नहीं पकड़ पाई पुलिस
एक लाख के इनामी साहून को भी विशंभरा पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। वह कई दफा पुलिस को चकमा देकर भाग चुका है। पुलिस पर गोलियां भी बरसाई थीं। यूं तो पुलिस ने कई दफा उसके घर पर दबिश दी, लेकिन हाथ नहीं लगा।