शहर के बहुचर्चित सीए हत्याकांड के दो दोषियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एक अभियुक्त नाबालिग है जिसका मामला जुवेनाइल कोर्ट में विचाराधीन है। सीए प्रहलाद शर्मा को फिरौती के लिए अगवा किया गया था और बाद में हत्या कर दी गई। पुलिस ने शव को एक मकान के आंगन से खुदवाकर बरामद किया था।
राधिका विहार कालोनी निवासी सीए प्रहलाद शर्मा का सनसनीखेज कत्ल दिसंबर 2010 में हुआ था। पुलिस ने उनका शव गूजर हट्टा निवासी अभियुक्त बंटी उर्फ उपेंद्र (कृष्ण पाठक) की निशानदेही पर बरामद किया था। बंटी ने पुलिस पूछताछ में जो राज उगले उसके मुताबिक पवन चतुर्वेदी निवासी घाटी बहालराय और एक नाबालिग के साथ मिलकर प्रहलाद शर्मा का अपहरण किया था। इन लोगों ने फिरौती भी वसूल कर ली थी। लेकिन पहचाने जाने के डर से हत्या कर दी गई थी।
शव को सतघड़ा स्थित बंद पड़े कुलदीप व्यास के मकान में दबा दिया था। पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से फिरौती की रकम दो लाख रुपये बरामद कर लिए थे। जबकि पवन चतुर्वेदी ने कहा था कि वह अपने हिस्से का एक लाख खर्च कर चुका है। पुलिस ने उस फावड़े को भी बरामद कर लिया था जिससे आंगन खोदकर शव दबाया गया। पुलिस ने सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। एक आरोपी नाबालिग होने पर उसका मामला जुवेनाइल कोर्ट में चला गया।
यह मामला अपर सत्र न्यायालय तृतीय के न्यायाधीश जेपी तिवारी की कोर्ट में चल रहा था। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद बंटी उर्फ उपेंद्र (कृष्णा पाठक), पवन चतुर्वेदी को उम्र कैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। नाबालिग आरोपी का ट्रॉयल जुवेनाइल कोर्ट में चल रहा है। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता नंद कुमार तिवारी ने की।
यह था मुकदमा
मृतक सीए के भाई व वादी राधिका विहार निवासी ब्रजनंदन शर्मा ने इस मामले में दो दिसंबर 2010 को कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा गया कि उनका भाई चार्टर्ड एकाउंटेंट प्रहलाद शर्मा का डैंपियर नगर में ऑफिस है। रात आठ बजे भूतेश्वर चौराहे से भाई से अंतिम बार बात हुई जिसमें उन्होंने दस मिनट में घर आने की बात कही लेकिन वो नहीं आए। बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया था।