जिला प्रशासन के नोटिस के बाद जवाहर बाग को कब्जाए बैठे कथित सत्याग्रहियों में खलबली मची है। शुक्रवार को कथित सत्याग्रहियों का नेतृत्व करने वाले रामवृक्ष यादव ने सिटी मजिस्ट्रेट को फोन किया। इस दौरान दोनों में जमकर बहस हुई।
सिटी मजिस्ट्रेट विजय कुमार को फोन के माध्यम से रामवृक्ष यादव ने कहा कि तुम कानून व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे हो। मैं यहां शांतिपूर्वक बैठा हूं फिर बेदखल की कार्रवाई क्यों की जा रही है? ये नोटिस किस हैसियत से दिया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि भारतीय संवैधानिक दायित्वों के तहत यह नोटिस दिया गया है।
तुम शांति पूर्वक नहीं बैठे हो। यहां तुम लोगों पर 12 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। कर्मचारियों के साथ मारपीट तुम लोगों ने की है। तुम लोगों ने कानून व्यवस्था को ही खतरे में डाल दिया है।
इस पर रामवृक्ष यादव ने कहा कि हमारा प्रकरण सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इसका पालन तुम क्यों नहीं कर रहे हो? इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा सुप्रीम कोर्ट ने कोई आदेश नहीं दिया है। हाईकोर्ट इस स्थान को खाली करने का आदेश दे चुका है।
तुम लोग हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर रहे हो। तुम लोग संविधान को भी नहीं मानते हो। वार्ता के लिए द्वार खुले हुए हैं फोन से बात नहीं होगी। कार्यालय आकर बात करो।
सिटी मजिस्ट्रेट विजय कुमार ने बताया कि अंबेडकर जयंती और श्रीराम नवमी के चलते अभी फोर्स बहुत कम संख्या में आया है। संभावना है कि अब जल्द ही मांग के मुताबिक फोर्स आ जाएगा। जवाहर बाग को खाली करने के लिए दिए गए नोटिस की अवधि भी शनिवार को खत्म होगी। फिलहाल जवाहर बाग के आसपास पूरी तरह से शांति बनी हुई है।
डीएम ने लेखपालों की हड़ताल अवैध घोषित की
लेखपालों की हड़ताल को डीएम ने अवैध घोषित कर दिया है। हड़ताली कर्मचारियों को आदेशित किया है कि वह 16 अप्रैल को सुबह 10 बजे तक अपने कार्य पर वापस आ जाएं। डीएम ने एडीएम प्रशासन, जिला भूमि व्यवस्था अधिकारी, एडीएम वित्त एवं राजस्व, समस्त एसडीएम को आदेशित किया है कि काम पर वापस आने और न आने वाले कर्मचारियों को चिह्नित करें।
कई दिन से जवाहर बाग परिसर को कथित आंदोलनकारियाें से खाली कराए जाने की मांग के लिए लेखपाल संघ के आह्वान पर लेखपाल और संग्रह अमीन हड़ताल पर हैं। एडीएम प्रशासन, नगर मजिस्ट्रेट ने इनसे कई बार वार्ता की, लेकिन संघ पदाधिकारियों ने जवाहर बाग खाली होने तक हड़ताल जारी रखने की बात कही।
इससे प्रशासनिक और जनहित के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसमें ग्राम समाज की भूमि पर कब्जे, तहसील दिवस, समाधान दिवस, दैनिक जन सुनवाई के प्रकरणों के अलावा किसानों की समस्याओं को निस्तारण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। इस स्थिति में डीएम राजेश कुमार ने लेखपाल संघ द्वारा आहूत हड़ताल को तत्काल प्रभाव से अवैध घोषित कर दिया है।