फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले में दोषी पाए जाने पर सात साल की कैद और जुर्माने की सजाई सुनाई है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अबू अहमद रिजवी ने बताया कि पीड़िता के भाई ने थाने में दी गई तहरीर में अवगत कराया कि उसकी नाबालिग बहन को पड़ोसी गजराज 25 मार्च 2003 को लगभग 11 बजे ये कहकर ले गया कि मैं भी धौली प्याऊ जा रहा हूं।
पुलिस ने दोनों को गोवर्धन चौराहे से पकड़ लिया। पीड़िता ने अपने बयान में आरोपी गजराज पर दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया।
मामले में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश मनोरमा ने दोष सिद्ध होने पर गजराज को सात साल की कैद और छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।