अवैध शराब का कारोबार जिले में बड़े पैमाने पर चल रहा है। कस्बाई और ग्रामीण इलाकों में तो भट्ठियों पर हर रोज सैकड़ों लीटर शराब तैयार हो रही है। सब कुछ जानकर भी आबकारी विभाग के लोग खामोश हैं। लोगों की शिकायत है कि इस संबंध में कोई सूचना देना भी चाहे तो कोई अधिकारी फोन रिसीव ही नहीं करता अथवा फोन स्विच ऑफ होता है।
जिले के शेरगढ़, नौहझील, बाजना, मांट, यमुनापार, बलदेव, महावन, गोवर्धन, बरसाना और कोसीकलां क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार बड़े पैमाने पर चल रहा है। यहां भट्ठियों पर हर रोज शराब तैयार की जाती है।
हालांकि पुलिस ने कई दफा दबिश देकर शराब बरामद की, लेकिन कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह जाती है। बड़ी कार्रवाई न होने के कारण शराब माफिया के हौसले बुलंद हो रहे हैं। यह शराब कहीं पाउच में बिक रही है तो कहीं बोतलों में पैक करके। कई बार तो अंग्रेजी शराब की खाली बोतलों में भरकर भी इसे बेचा जाता है।
तस्करी भी खूब हो रही
हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश से शराब लाकर यहां बेची जा रही है। दरअसल इन सभी राज्यों में शराब उत्तर प्रदेश से सस्ती होती है। शराब माफिया इन राज्यों की शराब लाकर बिक्री करते हैं। इससे प्रदेश के राजस्व को भारी नुकसान होता है। मथुरा में दूसरे राज्यों की शराब बड़े पैमाने पर बरामद भी हो चुकी है।