शुक्रवार रात थानाक्षेत्र का गांव दौसेरस ताबड़तोड़ फायरिंग से थर्रा उठा। दो पक्षों के बीच चली आ रही रंजिश के चलते घटना हुई। गांव में पीएसी की मौजूदगी के बावजूद करीब एक घंटा से अधिक समय फायरिंग होती रही।
बता दें कि गांव में मिश्रा और शमीम गुट के बीच पिछले करीब 15 साल से चली आ रही रंजिश अब गैंगवार का रूप ले चुकी है। अब तक दोनों पक्षों के करीब छह लोगों की मौत हो चुकी है। गत मार्च माह में भी दोनों गुटों के बीच हुई फायरिंग में मिश्रा गुट के दो और शमीम पक्ष के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
पिछले एक सप्ताह से गांव में दोनों गुटों के बीच लगातार टकराव और फायरिंग की घटनाएं हो रही है। गांव में पीएसी भी तैनात है, इसके बावजूद फायरिंग की घटनाएं नहीं रुक पा रही है। शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे फिर से दोनों पक्ष भिड़ गए और फायरिंग शुरू हो गई। इससे गांव में दहशत फैल गई।
बताया जा रहा है कि गांव में एक मोबाइल कंपनी के टावर तक गोलियां पहुंची और इससे सहमा टावर पर तैनात कर्मचारी अपनी जान बचाने को दीवार की ओट में छिपकर बैठ गया। हालांकि फायरिंग में किसी को गोली लगने की सूचना नहीं है।