गांव बोरपा के किसान गोविंद सिंह (37) ने बैंक के कर्ज के चलते शुक्रवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बैंक से आए नोटिस और कई बार उसके घर आए बैंक कर्मचारियों की चेतावनी के बाद वह परेशान था।
गरीब किसान की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने सौंख-मथुरा रोड पर शव रख कर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम गोवर्धन ने मृतक के परिवारीजनों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
परिवारीजनों के अनुसार गोविंद सिंह पुत्र रामसहाय ने दो वर्ष पूर्व इंडियन ओवरसीज बैंक अडींग से एक लाख रुपये कर्ज लिया था। अपनी मात्र सवा बीघा खेती के सहारे वह इस कर्ज को चुकाने में असमर्थ था। बैंक के कर्मचारी आए दिन उसके घर आते थे और रकम जमा करने के लिए दबाव बनाते थे।
16 मार्च को बैंक ने उसे नोटिसभी भेजा था। ऐसी स्थिति में वह बहुत परेशान चल रहा था। परिस्थितियों से हार मानकर आखिरकार शुक्रवार को सुबह उसने घर के एक कमरे में फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या की खबर मिलते ही अनेक लोग घटनास्थल पर एकत्रित हो गए।
ग्रामीणों ने सौंख-गोवर्धन मार्ग पर शव रख कर जाम लगा दिया। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम राजेश कुमार और सीओ सदर आरके गौतम के मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। जाम के दौरान जिला पंचायत प्रतिनिधि हेमराज सिंह, दीपक चौधरी, सुरेश भगत, राधा चौधरी, लक्ष्मण सिंह आदि मौजूद थे।
कर्ज में दो बीघा खेत बेच चुका था गोविंद
सौंख। बैंक कर्ज के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले गोविंद के परिवार में कोहराम मचा है। कर्ज के चलते पूर्व में उसका दो बीघा खेत बिक चुका है। अब उसके पास लगभग सवा बीघा खेत ही बचा है। ग्रामीणों ने बताया कि गोविंद सरल स्वभाव का था, उसके परिवार में पत्नी मंजू, दो बेटियां नेहा (11 वर्ष), सुहानी (8 वर्ष) और एक बेटा निखिल (4 वर्ष) रह गए हैं। बच्चे गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं। वह थोड़ी सी खेती से ही गृहस्थी चला रहा था।