थाना गोवर्धन क्षेत्र के राधाकुंड इलाके में राधाकुंड-वृंदावन रोड पर 23 सितंबर को हुए गोलीकांड का मामला फर्जी निकला है। रिपोर्ट कराने पहुंचे चौमुंहा निवासी नरेश और उसके परिवारीजनों ने क्रास केस बनाने के लिए शरीर में गोली के छर्रे प्लांट कराए थे।
23 सितंबर को गोवर्धन के राधाकुंड चौकी इलाके में चौमुंहा निवासी नरेश कुमार ने खुद पर फायरिंग के मामले में गांव के ही बच्चू सिंह को नामजद कराया था। नरेश के अनुसार बच्चू ने उस पर फायरिंग की जिससे उसके सीने में छर्रे लगे। पुलिस ने जांच की तो फायरिंग का आरोपी बच्चू सिंह घर में बिस्तर के हवाले पाया गया। उसके पैर पर प्लास्टर चढ़ा था। इधर नरेश के घाव ने भी शक में डाला।
पुलिस ने नरेश और उसके परिवारीजनों से कड़ाई से पूछताछ की तो वे टूट गए। उन्होंने बताया कि बच्चू से उनका 308 का केस चल रहा है। क्रास केस के लिए उन्होंने फर्जी मामला बनाया था। इसमें नरेश के मित्र थाना इगलास क्षेत्र के साथिनी निवासी झोलाछाप अशोक कुमार की सहायता ली गई।
अशोक ने नरेश के सीने और आसपास के हिस्से में गोली के छर्रे प्लांट कर दिए थे। मामले में नरेश कुमार, संतोष निवासी गांव सेही शेरगढ़ और कन्हैया निवासी गांव राल वृंदावन को गिरफ्तार किया गया है। उनसे तीन तमंचे, छह कारतूस भी बरामद किए गए हैं। बताया गया इन्हीं तमंचों से फायरिंग कर छर्रे लिए गए थे।
यूं खुलती गईं फर्जीवाड़े की कड़ियां
राधाकुंड चौकी क्षेत्र में गोली मारने की सूचना गोवर्धन पुलिस ने सीओ सदर संजय सागर को दी। सीओ जैंत चौकी में बैठे थे। वह पुलिस टीम के साथ चौमुंहा में बच्चू के यहां दबिश देने पहुंचे। नामजद बच्चू बिस्तर पर पड़ा मिला। दो सप्ताह पूर्व नरेश के परिवारीजनों संग मारपीट में वह घायल हो गया था।
उसके पैर पर प्लास्टर चढ़ा हुआ था। इधर पुलिस ने नरेश को अस्पताल लेकर पहुंची। यहां उसके गोली से लगे घाव देख चिकित्सक चौंक गए। जिस शर्ट को नरेश ने पहना था उसमें गोली लगने से होने वाले सुराख नहीं थे। खून भी उस स्थान पर नहीं था जहां घाव था।