2006 में पत्नी, अब पुत्री को जिंदा जला डाला
आठ साल तक रहा था फरार, जमानत पर चल रहा था बाहर
बच्चे कर रहे पिता को कठोर से कठोर सजा की मांग
साल 2006 में अपनी पत्नी को जिंदा जलाने वाले दरिंदे ने अपनी पुत्री को भी जिंदा जला डाला। छाता पुलिस ने आरोपी पिता को जेल भेज दिया है। छाता के गांव तरौली सुमौली में पिता की दरिंदगी से पूरा गांव शर्मसार है। दो बेटे और चार बेटियां, सभी एक स्वर में पिता की अमानवीय करतूत को लानत दे रहे हैं, वहीं पिता को कठोर से कठोर सजा की वकालत भी करते दिख रहे हैं।
छाता के गांव तरौली सुमौली के बड़े मोहल्ले के रहने वाले बंगाली ने शनिवार को अपनी 15 वर्षीय पुत्री राधा को आग लगा दी थी। आग की लपटों को देखकर पहुंचे आस-पड़ोस के लोग आ गए। भाग रहे बंगाली को धर दबोचा। शत-प्रतिशत जल चुकी किशोरी को महर्षि दयानंद जिला चिकित्सालय भिजवाया गया, जहां उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने बंगाली को पिता को छाता पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी का जेल भेजा दिया।
साल 2006 में बंगाली ने अपनी पत्नी इंद्रा को भी जिंदा जलाकर मार डाला था। वो आठ साल तक फरार रहा। उसके भतीजे ने बच्चों सपना, शिवम (18), गुड़िया (17), विष्णु (13), संध्या (11) का पालन-पोषण किया। बड़ी बेटी सपना (22) की शादी हो चुकी है।
साल 2014 में लौटकर आए बंगाली को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया था। छह माह तक जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आया तो गांव में रहने लगा। अपनी बेटियों को शक की निगाह से देखने वाला पिता आए दिन उनकी पिटाई करता था। शनिवार को भी बेटियों की पिटाई की और राधा को जिंदा जला डाला। इस मामले में पड़ोसी राधाकिशन ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गांव की बजाए ध्रुवघाट पर अंतिम संस्कार
रविवार को मृतका के शव का पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम गृह पर भाई, बहन के साथ सभी रिश्तेदार मौजूद रहे। परिवारीजन शव को गांव तरौली सुमौली नहीं ले गए। बंगाली के भतीजे अशोक कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद राधा का अंतिम संस्कार रविवार की शाम चार बजे ध्रुवघाट पर किया गया। भाई विष्णु ने दाग दिया।