मासूम बच्ची से दुष्कर्म करने के आरोपी का जिला अस्पताल के डॉक्टर ने मेडिकल करने से इंकार कर दिया। शिकायत पर कोर्ट ने हस्तक्षेप कर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को कड़ा पत्र लिखा है। कोर्ट ने डॉक्टर के इस कृत्य को आरोपी का फायदा पहुंचाने वाला बताया है।
मामला 15 फरवरी को थाना कोतवाली वृंदावन क्षेत्र का है। गांव के ही युवक मनोज ने पांच साल मासूम के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जब मेडिकल के लिए आरोपी को लेकर सौ शैय्या अस्पताल पहुंची तो उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया। जिला अस्पताल में डॉ. सुशील कुमार ने मेडिकल करने से इंकार कर दिया। इस पर विवेचक ने पॉस्को कोर्ट में अर्जी दी। कोर्ट ने सीएमओ को कड़ा पत्र लिखा तब कहीं आरोपी का मेडिकल किया गया। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि डॉ. सुशील कुमार का कृत्य विवेचना को प्रभावित करने और अभियुक्त को फायदा पहुंचाने वाला है। न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिये राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, स्टेट कमीशन प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट और महानिदेशक स्वास्थ्य को लिखा है।