संत कालोनी स्थित सुखधाम आश्रम में रविवार को नेत्रहीन महंत ने जबरन आश्रम से निकालने के प्रयास का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विरोध करने पर उसके पुराने कमरों में तोड़फोड़ भी की गई।
छज्जे का पत्थर गिरने से उनके चोट भी लगी है। अपने को अकेला पाकर महंत ने कमरे में बंद कर लिया है। सूचना पर पहुंची पुलिस का कहना है संत के कमरों से कोई पत्थर नहीं गिरे हैं और न ही कोई हादसा हुआ है।
इटावा के मूल निवासी महंत रघुवीरदस शिष्य रामशरनदास त्यागी ने बताया कि वह 40 वर्ष से संत कालोनी स्थित सुखधाम आश्रम में रहकर भजन कर रहे हैं। इस आश्रम पर कई वर्ष से कुछ लोग फर्जी कागजातों के जरिए काबिज हो गए हैं। जो अब उन्हें आश्रम से निकालना चाहते हैं।
इन्हीं लोगों ने षड्यंत्र कर उनकी आंखों को नुकसान पहुंचा दिया, जिससे वे अंधे हो गए। महंत रघुवीरदास ने 20 जून 2015 को एक लाख रुपये हड़पने और आश्रम खाली करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने आश्रम के महंत बलरामदास आदि से पूछताछ की।
महंत बलरामदास का कहना है कि आश्रम का नवनिर्माण कार्य चल रहा है। विप्रा द्वारा पारित नक्शे के अनुसार जिस स्थान पर महंत के कमरे हैं उस स्थान को खाली रखना है। वे महंत को आश्रम में तीन चार कमरे देने को तैयार हैं, लेकिन महंत राजी नहीं हैं।
मुख्यमंत्री से भी कर चुके हैं शिकायत
सुखधाम आश्रम पर स्वामित्व के विवाद में जानमाल की रक्षा की गुहार लगाने नेत्रहीन महंत रघुवीरदास पिछले दिनों सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश से मिलने सैफई गए थे। मुलाकात न हो पाने पर उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखा। महंत ने इटावा की जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमलता यादव से मिलकर समस्या से अवगत कराया। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमलता यादव ने एसएसपी को पत्र लिखकर महंत के मामले को सुलझाने को कहा है।