जवाहरबाग में पुलिस और कब्जाधारियों के बीच हुए संघर्ष के बाद डीजीपी जावीद अहमद शुक्रवार को मथुरा पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। डीजीपी जावीद अहमद ने मीडिया को बताया कि जवाहर बाग में उपद्रवियों का नेतृत्व कर रहे रामवृक्ष यादव, चंदन बोस, राकेश बाबू और गिरीश संभवत: की मौत हो गई है। अगर भाग गए हैं तो इन्हें जल्द पकड़ा जाएगा।
पुलिस लाइन में दोपहर करीब एक बजे मीडिया से बात करते हुए डीजीपी ने बताया कि दो-तीन दिन बाद जवाहरबाग को खाली कराने की योजना थी। पुलिस की छोटी पार्टी गुरुवार को शाम के वक्त रेकी के लिए गई थी, जिस पर उपद्रवी कब्जाधारियों ने लाठी-डंड़े और असलाह से हमला बोल दिया।
पुलिस ने बहादुरी के साथ मुकाबला किया और पुलिस बल एकत्रित होने पर जवाबी कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि इस दौरान उपद्रवियों ने जवाहरबाग में बनी झोंपड़ियों में आग लगा दी। भाग रहे उपद्रवियों को बाग के बाहर जुटी भीड़ ने भी पीटा। इससे वहां रखे गोला-बारूद और गैस सिलेंडरों में विस्फोटक हुए, जिनकी चपेट में आए कई उपद्रवी मारे गए। इनमें 11 की मौत आग से झुलसने से हुई है। बाकी लाठी-डंडों की पिटाई से मरे हैं। इनमें एक महिला भी शामिल है।
डीजीपी ने बताया कि आपरेशन के दौरान 196 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें 80 पुरुष और 116 महिलाएं शामिल हैं। उपद्रवियों पर एनएसए की कार्रवाई की जाएगी। 21 वाहनों के स्वामियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। शहीद एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ फरह संतोष कुमार के परिवार को पूरी मदद की जाएगी।
यह असलाह हुआ बरामद
- 47 देशी कट्टे
-06 राइफल
-178 कारतूस
-15 गाडियां
-06 मोटरसाइकिल