अंदर से जवाब नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई।
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के कारोबारी ने मथुरा के गोपी गेस्टहाउस में फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला। हालांकि मौके से कोई सुइसाइड नोट तो नहीं मिला है लेकिन परिवार वालों ने बताया कि कारोबार में हुए नुकसान के कारण वो तनाव में थे। उन पर लोगों की देनदारियां थीं।
मथुरा के धौलीप्याऊ स्थित गोपी गेस्टहाउस के रूम नंबर 103 में युवक का शव पंखे से लटका मिला। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला है। पास में मिले आधार कार्ड से पहचान सौरभ गुप्ता (36) पुत्र अशोक गुप्ता के रूप में हुई। वो दिल्ली में पटेल नगर का रहने वाले थे। गेस्ट हाउस के मालिक भगवान सिंह ने बताया कि मंगलवार की शाम को करीब पांच बजे वो गेस्ट हाउस पर आए थे।
बताया था कि मथुरा घूमने आए हैं और एक एसी रूम चाहिए। आईडी के रूप में उनके आधार कार्ड की कापी ली गई थी। कमरे में जाने के बाद वो फिर बाहर ही नहीं आए। बुधवार की दोपहर को करीब 11 बजे भी जब दरवाजा नहीं खुला तो होटल के कर्मचारी ने दरवाजा खटखटाया। अंदर से जवाब नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई।
सौरभ गुप्ता के पास से तीन हजार रुपये, आधार कार्ड और मोबाइल फोन बरामद हुआ है। सौरभ गुप्ता के मोबाइल में मिले नंबरों से परिवार वालों को सूचना दी गई। सौरभ के बड़े भाई जिम्मी ने बताया कि वह रेडीमेड कपड़ों, मुख्य रूप से जींस का कारोबार करता था। लेकिन घाटे के कारण वह परेशान था। रविवार की सुबह को घर से निकला था। आज पुलिस का फोन ही पहुंच गया।
दो साल से घर पर बैठा था सौरभ
सौरभ गुप्ता पिछले दो साल से घर पर बैठा था। कारोबार में हुए नुकसान के चलते तमाम लोगों की देनदारियां भी हो गईं थीं। जिससे वह परेशान रहता था। परिवार वालों का कहना है कि वह पिछले कुछ दिनों से बेहद तनाव में था। पिता अशोक गुप्ता भी जींस का ही कारोबार करते हैं। दो बेटों जिम्मी और सौरभ में से सौरभ भी जींस का ही कारोबार किया करता था। लेकिन उसे नुकसान हो गया।