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जवाहरबाग हिंसा के एक और आरोपी की मौत

Sun, 20 Nov 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
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jawahar bagh
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जवाहरबाग हिंसा में शनिवार को एक और आरोपी की मौत हो गई। प्रशासन मौत की वजह हार्टअटैक बता रहा है। वह रिटायर शिक्षक था और जवाहरबाग में बच्चों को पढ़ाता था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर चार जून को जेल भेजा था। उसके परिवार वालों को सूचना दे दी गई है।
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दो जून को मथुरा के जवाहरबाग को खाली कराते वक्त हुई हिंसा में दो पुलिस अधिकारियों सहित 29 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। औरैया जिले में थाना अजीतमल के गांव हजरतपुर निवासी मेवालाल पुत्र भगवानदीन को भी चार जून को जेल भेजा गया था। बताया जाता है कि मेवालाल रिटायर्ड शिक्षक थे। वह जवाहरबाग में भी बच्चों को पढ़ाते थे। उन्हें बैरक संख्या 14 में रखा गया था।

शनिवार को 11:30 बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी। जेल प्रशासन ने चिकित्सक को बुलवाया। हालत नाजुक होने पर बंदी को महर्षि दयानंद जिला चिकित्सालय भेजा गया, यहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। जिला कारागार अधीक्षक पीडी सलौनिया ने बताया कि हार्टअटैक होने से मेवालाल की मौत हुई है। परिवारीजनों को सूचित कर दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिवारीजन ले गए।
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मृतक के पुत्र ने अक्तूबर में की थी मुलाकात
जवाहरबाग कांड में चार जून से निरुद्ध मेवालाल से उसके पुत्र ओमप्रकाश ने पांच माह में छह बार मुलाकात की। इसके अलावा मृतक का भाई भी मुलाकात के लिए आता था। अंतिम बार पुत्र ने 23 अक्तूबर को अपने पिता से जिला कारागार में मुलाकात की। इन छह मुलाकातों में पुत्र अपने पिता का हालचाल जानने के बाद उनके लिए कपड़े आदि सामान देकर जाता था।

तीन आरोपियों की जेल में हो चुकी है मौत
जवाहरबाग कांड के मामले में जेल में निरुद्ध 77 बंदियों में से अब तक तीन की मौत हो चुकी है। अब जेल में 74 बंदी निरुद्ध हैं। 19 नवंबर को मेवालाल की मौत हुई। इससे पूर्व सात नवंबर को भघेलू और जून माह में रामभरोसे की मौत हो चुकी है।

जिला कारागार ओवर क्राउड
जिला कारागार की क्षमता 554 की है, लेकिन वर्तमान में 1705 बंदी जेल में निरुद्ध हैं। 20 बैरकों में इन सभी को समायोजित किया गया है। ओवर क्राउड के चलते यह बंदी काफी परेशानी झेल रहे हैं। कई बार जिला कारागार प्रशासन ने आलाधिकारियों को ओवर क्राउड के बारे में लिखित में भेजा है, लेकिन आजतक समाधान नहीं हो सका।
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