थाना यमुनापार क्षेत्र में रुपये जमा करने के बाद उन्हें बढ़ाकर वापस करने का लालच देने वाली कंपनी के संचालकोें के खिलाफ कोर्ट ने वारंट जारी कर दिए हैं। सभी छह आरोपियों के न मिलने पर कुर्की करने का आदेश दिया गया है। आरोपी दो साल पहले लोगों के 48 लाख रुपये लेकर भाग गए थे।
बताया गया है कि तीन साल पहले केहरीगढ़ी कृष्णाबाग यमुनापार निवासी सुरेश चंद्र और उसके भाई महेश चंद्र ने स्मार्ट इंश्योरेंस कंसल्टेेटिव एंड डायरेक्ट नेट सेलिंग नाम से कंपनी खोली थी।
इसमें सुरेश ने अपनी पत्नी कांता देवी, महेश ने अपनी पत्नी अनीता और साले जितेंद्र व संजय को भी पदाधिकारी बनाया। क्राइम ब्रांच के दरोगा नरेंद्र सिंह यादव के अनुसार कंपनी ने लोगों को तीन साल में दो गुना और तीन साल में पांच गुनी रकम लौटाने का वायदा किया।
आसपास के 862 लोगों ने इसमें 48 लाख रुपये जमा भी करा दिए। आरोप है कि इसके बाद सभी घर और यमुनापार में खोले ऑफिस पर ताला लगाकर लापता हो गए।
मामले में नटवर नगर निवासी राजेंद्र सैनी ने भी रुपये लगाए थे। 11 मई 2012 को यमुनापार थाने में सुरेश, महेश, कांतोदेवी, अनीता, संजय और जितेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच से हो रही है। विवेचक ने नरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि कोर्ट ने सभी छह लोगों के खिलाफ कुर्की वारंट जारी कर दिए हैं।