सहार गांव में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत पर पहुंची पुलिस से भीड़ ने महिला का शव छीन लिया। इसके बाद शव को दफना भी दिया। मामले में पुलिस ने 33 लोगों को नामजद करते हुए 50 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
गांव सहार के सद्दाम का निकाह चार साल पहले मथुरा की राधेश्याम कालोनी थाना गोविंदनगर की रेशमा के साथ हुआ था। सोमवार को पुलिस को खबर मिली कि रेशमा का शव उसके बेडरूम में फांसी के फंदे पर झूल रहा है।
सूचना पर पुलिस पहुंची तब तक परिवारवालों ने शव उतार लिया और दफनाने की तैयारी चल रही थी। नायब तहसीलदार अजय यादव और बरसाना पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। मौत की वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम कराने की बात कही। इस पर यहां मौजूद लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस और नायब तहसीलदार को घेर लिया।
ससुराल पक्ष और मायका पक्ष पोस्टमार्टम से इनकार कर रहे थे। पुलिस ने जबरदस्ती की तो भीड़ ने हंगामा करते हुए शव छीन लिया और दफन कर दिया। पुलिस ने लौटकर आला अफसरों को सूचना दी। रात को चौकी इंचार्ज राजेश कुमार ने हनीफ, सददाम, भोला, सल्लो, अशरफ, फारुख, अशरफ, याकूब, अकबर, इशार, खज्जू, इस्माइल, वकील, खलील, साबिर, तुफैल, वसीम, जमील, अजमल, वसीम, साहून, अजमल, रहमत, रज्जो, जमीला, रीना, इशरत, वकील, रफीक, साहुआ, अल्लो समेत करीब 50 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकद्दमा दर्ज करा दिया है।
पोस्टमार्टम के लिए निकला जाएगा शव
थाना प्रभारी उदय प्रताप ने बताया कि दफनाए गए शव को पोस्टमार्टम के लिए निकलवाया जाएगा। इसके लिए रिपोर्ट पुलिस-प्रशासन के अफसरों को भेज दी गई। अनुमति मिलते ही जल्द दफनाए गए शव को निकलवाया जाएगा।