बुधवार को डीआईओएस कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक अशोक कुमार शर्मा को दस हजार रुपये की घूस के साथ विजिलेंस आगरा की टीम ने गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि लिपिक ने राष्ट्रीय इंटर कालेज सुरीर प्रबंध समिति के चुनाव पर आए हाईकोर्ट के स्थगन आदेश की फाइल को आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत मांगी गई थी।
बुधवार दोपहर साढ़े ग्यारह बजे डीआईओएस आफिस में विजिलेंस की टीम पहुंची और यहां से वरिष्ठ सहायक अशोक कुमार शर्मा को सुरीर निवासी गुलशन वार्ष्णेय से 10000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। गुलशन वार्ष्णेय ने बताया कि छह महीने पहले सुरीर के राष्ट्रीय इंटर कालेज में निर्वाचन प्रक्रिया में सुशील कुमार शर्मा को प्रबंधक नियुक्त किया था।
इस कमेटी को डीआईओएस ने भी मंजूरी दे दी थी। उन्होंने भी निर्वाचन प्रक्रिया की पत्रावली दाखिल की थी, जिसे डीआईओएस ने वापस कर दिया था। डीआईओएस के इस आदेश पर हाईकोर्ट ने स्टे लगा दिया था। आदेश की कापी आफिस में पहुंच गई, लेकिन वरिष्ठ सहायक अशोक कुमार शर्मा उनकी फाइल को आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत मांग रहे थे।
19 सितंबर को हुई शिकायत के बाद सीओ विजिलेंस बलधारी सिंह, विनोद कुमार यादव की टीम ने बुधवार को लिपिक को रंगे हाथों पकड़ा। इसके बाद अशोक शर्मा को कोतवाली लाया गया।
रिकार्ड खंगालने पर भड़के बाबू, शिकायतकर्ता को पीटा
मथुरा। शाम को करीब साढे़ तीन बजे विजिलेंस टीम के सिपाही सुरेंद्र अपने साथ दो अन्य सिपाही और शिकायतकर्ता गुलशन वार्ष्णेय के साथ डीआईओएस कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने आरोपी लिपिक अशोक शर्मा के कमरे का ताला तोड़कर कक्ष में रखी फाइलें खंगालीं। विजिलेंस के सिपाही मोबाइल से वीडियो बना रहे थे, जबकि शिकायतकर्ता गुलशन वार्ष्णेय फाइलें खंगाल रहे थे।
इससे गुुस्साए डीआईओएस के बाबुओं में बाहरी व्यक्ति के फाइल खंगालने का विरोध किया। गुस्साए लिपिकों ने शिकायतकर्ता गुलशन वार्ष्णेय के साथ मारपीट कर उन्हें कक्ष में बंद कर दिया। बाद में पहुंचे सीओ चक्रपाणि त्रिपाठी ने उन्हें मुक्त कराया। पुलिस प्रधानाचार्य परिषद के जिलाध्यक्ष अजयकृष्ण सारस्वत और लिपिक रामेश्वर शर्मा को अपने साथ ले गई।