लौकी की लौंज में प्रयोग किया गया खराब मावा
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गांव नगरिया दसविसा और नगरिया सातविसा में फूड प्वाइजनिंग का कारण खाद्य विभाग ने प्राथमिक जांच के बाद लौकी की लौंज में प्रयोग किया गया खराब मावा बताया है। दोनों ही समारोहों के लिए गोपालबाग स्थित एक दुकानदार के यहां से मावा मंगाया गया था। विभागीय अधिकारियों ने दुकानदार को चिह्नित कर लिया है। टीम ने दोनो गांवों में पहुंचकर बनाए गए पकवानों के नमूने भरकर जांच को भेजे हैं।
सोमवार की देर रात नगरिया दसविसा और नगरिया सातविसा में लौकी की लौंज खाने से 500 लोगों को फूड प्वाइजनिंग होने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना पर जिला पंचायत सदस्य ओमप्रकाश, समाजसेवी नरेंद्र कुमार, तरुण सेठ भी मौके पर पहुंच गए।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीके राठी ने बताया कि फूड प्वाइजनिंग होने के पीछे सबसे कारण मावा रहा। दोनों वैवाहिक समारोह में गोपालबाग के ही एक दुकानदार से यह मावा खरीदा गया था। उस दुकानदार को चिह्नित कर लिया गया है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। टीम ने दोनों समारोह स्थलों पर बनाई गई लौकी की लौंज, मटर पनीर, स्पंज, दही-बड़े, सौंठ आदि पकवानों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं।
स्वास्थ्य केंद्र पर कम पड़ गए बेड
दोनों गांवों में समारोह के दौरान एक साथ सैकड़ों लोगों को फूड प्वाइजनिंग होने पर उन्हें स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। यहां मरीजों को देखते हुए बेड काफी कम पड़ गए। हालात यह बन गए कि जिसे जहां जगह मिली वह वहीं लेट गया। मरीजों के साथ आए उनके परिवारीजन डाक्टरों को पकड़कर अपने मरीज के पास चलने को कह रहे थे। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी स्वतंत्र सक्सेना अपने अधीनस्थों के साथ लगे रहे, लेकिन रात्रि ड्यूटी में तैनात दो महिला चिकित्सक मौके पर नहीं थीं। लोगों का कहना था कि यदि दोनों चिकित्सक भी मौजूद होतीं तो मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर नहीं दौड़ना पड़ता।