थाना गोविंद नगर क्षेत्र में शुक्रवार शाम 6:30 बजे चार बदमाशों ने दुकान बंद कर रहे सर्राफ विशाल कुमार (18) को गोली मार दी और उसके फूफा जगदीश के सिर पर तमंचे की बटों से प्रहार किए। दोनों को घायल करने के बाद बदमाश लगभग 12 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरातों से भरा थैला लूटकर फरार हो गए।
गोविंद नगर क्षेत्र मेें बैरागपुरा कच्ची सड़क इलाके में ओमप्रकाश की दाऊजी मंदिर के निकट दाऊजी ज्वैलर्स नाम से दुकान है। घटना में घायल विशाल उनका बेटा और जगदीश पुत्र शंकरलाल निवासी बैरागपुरा बहनोई हैं। बताया जा रहा है कि सायं छह बजे दोनों ने 350 ग्राम सोने के जेवरात व 12 किलो चांदी के जेवरात, 12 हजार 500 रुपये की नकदी को बैग में रखा और घर जाने के लिए दुकान बंद करने लगे।
दुकान से लगभग सौ मीटर पर दूरी पर इनका घर है। विशाल ने बैग पकड़ रखा था और जगदीश दुकान का शटर गिराने लगे। तभी अचानक काली जैकेट व मंकी कैप पहने चार बदमाश पैदल पहुंचे और बैग छीनने लगे। विशाल व जगदीश बदमाशों से भिड़ गए तो बदमाशों ने तमंचे निकाल लिए और दो हवाई फायर किए। इतने पर भी जब विशाल ने बैग नहीं छोड़ा तो उसके पेट में गोली मार दी और जगदीश के सिर पर तमंचे की बट से प्रहार करना शुरू कर दिया।
गोली लगने से विशाल की बैग से पकड़ी ढीली हो गई और बदमाश बैग लूटकर भाग गए। सूचना पर गोविंद नगर पुलिस, सीओ सिटी डा. अजयपाल शर्मा, मौके पर पहुूंच गए और परिवारीजनों के साथ दोनों को जिला अस्पताल लेकर आए। विशाल की हालत चिंताजनक होने पर उसे आगरा रेफर कर दिया। सूचना पर एसपी सिटी मनोज सोनकर, एएसपी मंजिल सैनी भी अस्पताल पहुंच गई और जगदीश व परिवार के अन्य लोगों से पूछताछ की।
लुटेरों की तलाश में कराई वाहन चेकिंग
थाना गोविंद नगर क्षेत्र में दो सर्राफ से हुई लूट के बाद पुलिस ने वाहन चेकिंग कराई। इसमें बाइक सवारों से लेकर काली जैकेट व मंकी कैप लगाए लोगों को रोक कर सड़कों पर वाहन चेकिंग कराने के निर्देश एसएसपी ने दिए।
लुटेरों ने पहले से की हुई थी रेकी
गोविंद नगर क्षेत्र के बैरागपुरा कच्ची सड़क इलाके में सर्राफ से बैग लूटने से पहले लुटेरों ने रेकी की थी। ओमप्रकाश व जगदीश ने बताया कि दुकान से उनके घर की दूरी मात्र 100 मीटर है और काफी चढ़ाई पर दुकान व मकान है। उन गलियों में तेजी से बाइक दौड़ाना संभव नहीं है। पुलिस का मानना है कि लुटेरे स्थानीय हो सकते हैं। बताया गया कि दुकान में चोरी होने के डर से दुकान बंद होने पर सर्राफ पूरा सामान घर ले जाते थे। इसी को लेकर बदमाशोें ने रेकी की और भागने के सुरक्षित रास्ते तलाश किए।