गांव नौगांव में दलित युवक ने वाल्मीकि किशोरी को उसकी छेड़खानी से बचाने वाले सवर्ण पर हमला बोल दिया। उन्हें घायल देख बेटा बिफरा तो उसकी हत्या कर दी गई। इससे गांव में दलित और ठाकुर जातियों के बीच तनाव व्याप्त है।
छाता कोतवाली के नौगांव निवासी वाल्मीकि परिवार की 17 वर्षीय किशोरी के साथ गांव का ही दलित युवक पंकज अर्से से छेड़खानी कर रहा था। शुक्रवार शाम भी किशोरी सामान खरीदने गई तो पंकज उसे तंग करने लगा। किशोरी ने वहां से गुजर रहे छिंगा ठाकुर उर्फ छैलबिहारी से गुहार लगाई तो उन्होंने पंकज को डांटा। वह उनसे भी भिड़ गया।
छिंगा ठाकुर ने पंकज को पीटकर भगाया और किशोरी को उसके घर भेज दिया। पंकज पिटाई का बदला लेने की ताक में था। शनिवार सुबह रोजाना की तरह छिंगा ठाकुर सुबह 7:30 बजे जंगल जाने को उसके घर के पास से निकले तो पंकज के भाई सोनू व पिता लल्लू सिंह ने उन्हें पकड़ लिया। पंकज ने छिंगा ठाकुर के चेहरे पर सूजे से प्रहार कर घायल कर दिया। छिंगा के बेटे मंटू सिसौदिया उर्फ ब्रजमोहन (22) को इसका पता चला तो वह दौड़ा आया और हमलावरों को ललकारने लगा।
आरोप है कि पंकज ने चमड़ा काटने के छुरे से मंटू सिसौदिया के पेट में कई वार किए। वह लहूलुहान हो गिर पड़ा। ग्रामीणों की मदद से पुलिस मंटू व छिंगा को जिला अस्पताल ले आई। यहां मंटू को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर एसओ शेरगढ़ मौके पर पहुंच गए। इस मामले में छिंगा ठाकुर ने पंकज, उसके छोटे भाई सोनू व पिता लल्लू के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त छुरा और सूजा बरामद कर लिया है।
पुलिस ने टकराव टाला
मंटू ठाकुर की हत्या से ठाकुरों में आक्रोश व्याप्त हो गया और वे एकजुट हो दलितों को मारने दौड़े। इस बीच सूचना पाकर मय फोर्स गांव पहुंच चुके एसओ शेरगढ़ ने उन्हें रोका। दलितों को उनके हमले से बचाया। पुलिस को ठाकुरों के गुस्से का सामना भी करना पड़ा। तनाव और सुरक्षा के मद्देनजर गांव में शेरगढ़, छाता, बरसाना, नौहझील, मांट व सुरीर तथा कोसीकलां थानों की पुलिस के अलावा पीएसी भी तैनात कर दी गई है।