तहसील सदर पर सत्याग्रहियों का हमला
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करीब तीन सौ एकड़ क्षेत्रफल में फैले उद्यान विभाग के जवाहर बाग पर दो साल से अवैध कब्जा जमाए लोगों ने सोमवार को अचानक तहसील सदर पर हमला बोल दिया। डंडे-लाठियों से लैस खुद को सत्याग्रही कहने वाले लोगों ने तहसील परिसर में मौजूद अधिवक्ता, कर्मचारी और वादकारियों पर लाठी-डंडे से जमकर प्रहार किए और गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी।
इससे परिसर में अफरातफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। करीब 15-20 मिनट तक उत्पात मचाने के बाद उपद्रवी जवाहर बाग में भाग गए।
जवाहर बाग जिला मुख्यालय स्थित मथुरा कलक्ट्रेट और तहसील सदर परिसर से सटा हुआ है। इस सरकारी जमीन पर दो साल पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के करीब 2000 लोगों ने कब्जा कर लिया है। सोमवार को इनमें से करीब 25 से अधिक युवकों ने अचानक जवाहर बाग से सटी सदर तहसील पर हमला बोला। कुछ लोग बाउंड्रीवाल से कूदकर तो कुछ मुख्य द्वारों से तहसील परिसर में लाठी-डंडों के साथ पहुंचे।
यहां जो मिला उसे पीटना शुरू कर दिया। तहसील में मौजूद अधिवक्ता, वादकारी और अधिकारी-कर्मचारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। करीब 15-20 मिनट तक उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया। तहसील में खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ और पथराव भी किया। इससे करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए हैं।
सूचना मिलने पर पुलिस बल के साथ एडीएम वित्त महेन्द्र प्रकाश, एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी, सिटी मजिस्ट्रेट विजय कुमार और सीओ सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी पीएसी और कई थानों का फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। तब तक उपद्रवी भाग चुके थे। इसके बाद अफसरों को आक्रोशित अधिवक्ता और लेखपालों के रोष का सामना करना पड़ा। दोनों ही संगठनों ने हड़ताल की घोषणा कर दी है।