आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और महिलाओं को रोजगार दिलाने व परिवार कल्याण योजना में रुपये दिलवाने के बहाने वसूली करने वाले व्यक्ति को कार्यकत्रियों ने दबोच लिया। यह व्यक्ति खुद को श्रम अधिकारी बताकर वसूली करता था। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने उसे पकड़कर हाईवे पुलिस को सौंप दिया है। दो कार्यकत्रियों ने फर्जी श्रम अधिकारी के खिलाफ तहरीर दी है।
थाना हाईवे क्षेत्र के पालीखेड़ा और गिरधरपुर की आंगनबाड़ी कार्यकत्री मनीषा और कौशल्या ने तहसील दिवस में शिकायत की थी कि कुछ लोग श्रम अधिकारी के नाम पर वसूली कर रहे हैं। मामले की जानकारी श्रम अधिकारी डीएस दीक्षित हुई तो उन्होंने उस व्यक्ति को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। गुरुवार शाम को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने खुद को श्रम अधिकारी बताने वाले धर्मेंद्र पुत्र पोहप सिंह हाल निवासी दामोदरपुरा और मूल निवासी झांसी को रुपये देने के बहाने बुलाया।
इस दौरान कार्यकत्रियों ने उस व्यक्ति को दबोच लिया और श्रम अधिकारियों को सूचना दी। इस पर श्रम अधिकारी डीएस दीक्षित, सहायक श्रम अधिकारी रविंदर सिंह व अन्य मौके पर पहुंचे। सभी ने धर्मेंद्र की जमकर पिटाई की और हाईवे पुलिस को सौंप दिया। मामले में मनीषा और कौशल्या ने बच्चों के लिए बाल पोषाहार दिलवाने और अन्य सरकारी लाभ दिलाने के लिए रुपये वसूलने की तहरीर हाईवे पुलिस को दी है। बताया गया है कि आरोपी धर्मेंद्र की पत्नी सेना की आवा कैंटीन में ब्यूटी पार्लर संचालित करती है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की शिकायत पर फर्जी श्रम अधिकारी बने धर्मेंद्र नाम के व्यक्ति को पकड़ा है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। उसके साथी कुछ लोगों के नाम प्रकाश में आए हैं। उन्हें गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
शैलेष कुमार पांडेय
एसपी सिटी, मथुरा