थाना नौहझील क्षेत्र से एक माह से लापता किशोर की बरामदगी के लिए पुलिस ने नामजद आरोपी को साथ लेकर दबिश दी। आरोप है कि दबिश के दौरान पुलिस की पिटाई से आरोपी का पैर टूट गया। पुलिस ने युवक को आगरा के अस्पताल में भर्ती कराया। इधर कस्बा नौहझील में युवक की मौत की अफवाह फैलने पर लोगों ने थाने का घेराव कर घंटों हंगामा किया।
कस्बा नौहझील के इमामबाड़ा निवासी कयूम खां का पुत्र सारिक (12) बीती आठ जून से लापता है। मामले में कयूम के बड़े बेटे ने गोबरगली नौहझील निवासी देवदत्त, भालचंद्र और जयप्रकाश के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस तीनों आरोपियों को पकड़कर सारिक की तलाश में दबिश दे रही है। बताया गया है कि बुधवार रात को देवदत्त को लेकर नौहझील पुलिस कोसीकलां और छाता इलाके में दबिश देने गई। आरोप है कि दबिश के दौरान पुलिस ने देवदत्त पर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया।
इससे उसके पैर और कूल्हे की हड्डी टूट गई। पुलिस ने देवदत्त को कोसीकलां के अस्पताल में भर्ती कराया तो डाक्टर ने ऑपरेशन की बात कही। हालत खराब होने पर पुलिसकर्मी उसे लेकर आगरा पहुंचे। इसी दौरान नौहझील में पुलिस की थर्ड डिग्री से देवदत्त की मौत की अफवाह फैलने से लोगाें में आक्रोश पनप गया। सैकड़ों लोग नौहझील थाने आ गए और घेराव कर जाम लगा दिया। दो घंटे तक हंगामा करते रहे।
सूचना पर सीओ मांट संजय कुमार, एसपी देहात अरुण कुमार सिंह शेरगढ़, छाता, मांट, सुरीर, राया और कोसीकलां पुलिस के साथ नौहझील पहुंच गए। यहां पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों की देवदत्त के परिवारीजनों से बात कराई। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया लेकिन देर रात तक थाने पर जमे रहे।