गोवर्धन तहसील के गांव रसूलपुर के मजरा झपरा में सोमवार की शाम आई तेज आंधी ने 50 परिवारों का सब कुछ खाक कर दिया। तिनका-तिनका जोड़कर बनाए आशियाने आंखों के सामने जलते देखकर लोगों की हिम्मत टूट गई है।
25 परिवार तो ऐसे हैं जिनके पास खाने पहनने तक को कुछ नहीं बचा। संकट की घड़ी में पड़ोसी गांव के लोग मदद को आगे आए, जनप्रतिनिधियों ने भी मदद की लेकिन जिंदगी को पटरी लौटने में वक्त लगेगा। फिलहाल एक चिंगारी ने आंधी से मिलकर जो हाहाकार मचाया, झपरा उसकी चीख सुन रहा है।
मथुरा और भरतपुर से आई दमकल की गाड़ियां मंगलवार सुबह तक गांव में आग बुझाने में जुटी थीं। लपटों के बीच कुछ लोगों ने सामान बचाने का साहस जुटाया लेकिन तपिश में जान फंसती देख लौट आए। गांव में आग ने छप्पर, झोंपड़ी, बुर्जी, बिटोरा तक को राख कर दिया है।
जो 50 परिवार इसकी चपेट में आए उनमें से ज्यादातर गरीब हैं। इन परिवारों के करीब 25 लोग और दर्जनों पशु झुलस गए हैं। प्रजापति समाज के 37, नाई पांच और जाटव समाज के 14 परिवारों के घर अब राख से नजर आ रहे हैं।
गांव के कमल सिंह ने बताया कि सोमवार शाम उनका परिवार साथ खाना खा रहा था। अचानक आई आग की लपटों ने उनके साथ-साथ सात बेटों की झोपड़ी भी जलाकर राख कर दी। इधर आग लगने की खबर सुन कर पीड़ितों के रिश्तेदार भी झपरा पहुंचने लगे हैं।
मंगलवार को दिन भर रिश्तेदारों का आवागमन लगा रहा। भरतपुर निवासी महावीर सिंह, विजय सिंह और खूशबू देवी ने अपने रिश्तेदारों के हाल-चाल पूछे। महावीर ने बताया कि वह रामेश्वर, उदय सिंह, साहब सिंह और सामरे का हालचाल जानने आए हैं।
मंगलवार को गांव में जनप्रतिनिधियों का भी तांता लगा रहा। रसूलपुर प्रधान गंगा प्रसाद, गोवर्धन ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि बाबूलाल, बसपा नेता देवी सिंह कुंतल, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सुरेश भगत, सपा नेता पीतम सिंह आदि भी गांव पहुंचे। सभी ने अपनी ओर से मदद का भरोसा दिलाया है।
बेटी की विदाई का सामान भी खाक
पीड़ित विधवा प्रेमवती पर तो मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। कुछ दिन पहले उन्हाेंने अपनी बड़ी बेटी की शादी की थी। साथ में छोटी बेटी अनीता के फेरे डाल दिए लेकिन विदा नहीं किया था। अब अनीता की विदाई होनी थी।
प्रेमवती ने बेटी के लिए बाजार से कपड़े, अन्य सामान और गहने बनवाए थे। सब आग की भेंट चढ़ गया। प्रेमवती देवी, अनीता, उसके भाई रिंकू, घंसी, भाभी राखी, ललिता का रो-रो कर बुरा हाल है। घटना स्थल पर पहुंचे पूर्व जिला पंचायत सदस्य हरीश्चंद सिंह और रालोद नेता सुरेश भगत ने अनीता की विदाई में सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
तहसीलदार ने गठित की टीम
मंगलवार को सुबह तहसीलदार बृजपाल यादव ने घटना स्थल पर पहुंच कर नुकसान के आकलन के लिए टीम गठित की है। नायब तहसीलदार अजय कुमार के अनुसार जांच टीम में कानूनगो महेन्द्र सिंह, अशोक सिंह, लेखपाल हरप्रसाद, सुरेन्द्र सिंह और एक अन्य शामिल है। टीम की रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित परिवारों को शासन से मदद मिल सकेगी।
प्रधान ने कराई रहने-खाने की व्यवस्था
ग्राम पंचायत रसूलपुर की प्रधान ने आग से पीड़ित परिवारों के भोजन और रहने की व्यवस्था की है। प्रधान का कहना है कि जब तक प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिल जाती, तब तक उनकी ओर से व्यवस्था जारी रहेगी।
विधायक ने दी सहायता राशि
क्षेत्रीय विधायक राजकुमार रावत ने गांव झपरा पहुंच कर पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी। 37 परिवारों को विधायक की ओर से चार-चार हजार रुपये की राशि बांटी गईं। पीड़ित परिवारों के लिए अक्षयपात्र संस्था से खाने का प्रबंध किया गया है। विधायक ने सभी पीड़ित परिवाराें के लिए आवास बनवाने का भी आश्वासन दिया।
पड़ोसी गांव से आया अनाज
ग्राम पंचायत सातरूक के बाशिंदों ने प्रत्येक घर से दो-दो मन गेहूं इकट्ठा कर झपरा में पीड़ित लोगाें को वितरित किया। गांववासी महेन्द्र सरपंच, सोरन सिंह सुरेन्द्र सिंह आदि के अनुसार करीब 80 मन अनाज पीड़ित परिवारों को बांटा गया है।
आग बुझाने में छह झुलसे
गंाव झपरा में आग बुझाने में दलवीर सिंह पुत्र भंवरी सिंह, जीतेन्द्र सिंह, गुड्डू पुत्र गुलाब सिंह, लाला पुत्र भूरी सिंह आदि झुलस गए। सभी को रारह और भरतपुर के अस्पताल में भर्ती कराया है। करीब एक दर्जन लोग मामूली रूप से झुलसे। उनका गांव में प्राथमिक उपचार कराया गया।
आग से पीड़ित परिवार
भूरी सिंह, सामरे सिंह, सरदार सिंह, प्रेम सिंह, घनश्याम, राधेश्याम, पौहप सिंह, कमल सिंह, भीम, मलखान, हरी सिंह, संजू, रामेश्वर सिंह, शीतल, मोतीराम, केशवदेव, हाकिम सिंह, नृपति, अमर सिंह, हरी, फूलचंद, सुरेश सिंह, बलवीर सिंह, रामवीर सिंह, जगदीश, राजू, भज्जू, मदन लाल, वीरो, सोरन सिंह, सूरजमल, राजेन्द्र सिंह, भूरा, इंद्र सिंह, सुरेन्द्र सिंह, गुलाब सिंह, गुड्डू आदि।