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UP: कल्पतरु ग्रुप के मालिक जयकृष्ण मृत या जीवित, क्राइम ब्रांच का ये है मानना; करोड़ों रुपये के हैं कर्जदार

Sat, 13 Jan 2024 09:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

कल्पतरु ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक जयकृष्ण सिंह राणा ने चिटफंड के नाम से कई लोगों से करोड़ों की ठगी की थी। राणा की कोरोना से मौत की कथित थ्योरी को क्राइम ब्रांच ने मानने से इन्कार कर दिया है।
 
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जयकृष्ण सिंह राणा का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कई राज्यों के किसानों और निवेशकों का करोड़ों रुपया लेकर भूमिगत हुए मथुरा के कल्पतरु ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक जयकृष्ण सिंह राणा की कोरोना से मौत की कथित थ्योरी को क्राइम ब्रांच ने मानने से इन्कार कर दिया है। मौत के संबंध में प्रमाणित दस्तावेज न होने के कारण उसका नाम ठगी के किसी भी मुकदमे से नहीं निकाला जाएगा।
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करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा करने वाले जयकृष्ण सिंह राणा के खिलाफ जनपद के थाना फरह, शहर कोतवाली और थाना हाइवे में 46 मुकदमे दर्ज हैं। मथुरा पुलिस ने उस पर 15 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। पुलिस उसकी तलाश में लगी थी कि 18 अप्रैल 2021 को सूचना दी गई कि जय कृष्ण सिंह राणा की कोविड से मौत हो गई है। दावा किया कि 16 अप्रैल 2021 की शाम छह बजे नयति हॉस्पिटल में जयकृष्ण सिंह राणा (54) पुत्र दौलतराम निवासी महोली रोड के नाम से एक कोरोना संक्रमित भर्ती कराया गया।


 

इसकी उसी दिन रात 8.30 बजे मौत हो गई। बेटे जयकरण ने शव को अपनी सुपुर्दगी में लिया। 17 अप्रैल को सुबह आठ बजे अंतिम संस्कार कर दिया गया। यह मामला पुलिस के लिए पहेली बन गया था। तत्कालीन एसएसपी गौरव ग्रोवर ने मौत की पहेली को सुलझाने के लिए क्राइम ब्रांच को जांच का जिम्मा दिया था। जांच में यह तय करने को कहा था कि जयकृष्ण राणा की मौत वास्तव में हुई है या फिर मुकदमों से नाम निकालवाने की साजिश रची गई है, इसका खुलासा किया जाए।

 
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इस आधार पर पुलिस ने मृत मानने से किया इन्कार
प्रमाण पत्रों में हर जगह जयकृष्ण राणा का उल्लेख है, जबकि हॉस्पिटल में भर्ती कराते वक्त जेके सिंह लिखाया गया। इसके अलावा पिता का नाम दौलत सिंह लिखाया गया है, जबकि जनपद में दर्ज मुकदमों में पिता का दौलतराम अंकित है। पता चंदनवन का है पर हॉस्पिटल में महोली रोड दर्शाया गया है। यह दस्तावेज संदिग्ध रहे। इसके अलावा पुलिस को उसके परिजनों ने रजिस्ट्रार के यहां से कोई वैध मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर नहीं दिया। कोविड उपचार का प्रथम आधार आरटीपीसीआर रिपोर्ट तक नहीं दी गई। सिर्फ ध्रुव श्मशान घाट की रसीद दर्शाई गई। एसपी क्राइम अवनीश मिश्र ने बताया कि क्राइम ब्रांच को मृत्यु के संबंध में कोई भी वैध प्रमाण पत्र नहीं मिला है। जय कृष्ण सिंह राणा को इस आधार पर मृत नहीं माना जा रहा। उसकी तलाश जारी रहेगी।
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