मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में 13.37 एकड़ जमीन पर दावा करने वाले हाईकोर्ट लखनऊ बेंच के अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह का केस सिविल जज सीनियर डिवीजन ज्योति सिंह ने बुधवार को खारिज कर दिया। अनुपस्थित चल रहे अधिवक्ता को विगत तारीख पर अदालत ने अंतिम अवसर दिया था। वहीं, नारायणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष यादव के मामले में वादी के अनुपस्थित रहने पर अदालत ने अंतिम अवसर दिया है।
19 फरवरी 2021 को लखनऊ हाईकोर्ट के अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह ने केस दाखिल किया था। उन्होंने दावा किया था कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ जमीन पर ही शाही ईदगाह मस्जिद मौजूद है। सिविल जज सीनियर डिवीजन में धीमी सुनवाई को लेकर हाईकोर्ट ने केस को तीन माह में निस्तारण करने का आदेश भी दिया था। इस कारण अदालत द्वारा जल्दी-जल्दी सुनवाई की तारीख दी जा रही थीं। इस मामले में शाही ईदगाह ने 7 रूल 11 पर अपनी बहस पूरी कर दी थी। अब अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह को बहस प्रारंभ करनी थी। इसके बाद भी वह लगातार अनुपस्थित चलते रहे। ऐसे में अदालत ने उनके वाद को खारिज कर दिया।
मनीष यादव के केस पर 24 नवंबर को सुनवाई
इसी अदालत में मनीष यादव के केस में 7 रूल 11 (केस के स्थायित्व) की बहस चल रही है। शाही ईदगाह पक्ष ने अपनी बहस पूरी कर ली। मनीष के अधिवक्ता सुरजीत को अदालत में समक्ष बहस पूरी करनी थी। वह अदालत में हाजिर नहीं हुए। ऐसे में अदालत ने उन्हें अंतिम अवसर दिया है। शाही ईदगाह के सचिव एडवोकेट तनवीर अहमद ने बताया कि अदालत ने अधिवक्ता शैलेंद्र के वाद को खारिज कर दिया। वहीं मनीष यादव को अंतिम अवसर प्रदान करते हुए सुनवाई के लिए 24 नवंबर की तारीख तय कर दी है।