वृंदावन। ठाकुर श्रीबांके बिहारी मंदिर में मंगलवार को अमावस्या पर श्रद्धालुओं की भीड़ के दबाव के कारण हालात बिगड़ गए। लोगों की भीड़ मंदिर की ओर ऐसे बढ़ रही थी, मानों बाढ़ सी आ गई हो। लोगों को नियंत्रित करने के इंतजाम ध्वस्त होते दिखाई दिए। भीड़ में फंसे बच्चे और महिलाओं की चीख-पुकार मची रही। महिलाओं को रैलिंग पर चढ़कर दूसरी ओर कूदना पड़ा। नववर्ष पर भीड़ का रिकाॅर्ड भी टूट गया। नवसंवत्सर की पूर्व संध्या और अमावस्या पर ठाकुर श्रीबांके बिहारी मंदिर में दर्शन के लिए सुबह से हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। भीड़ बढ़ने से प्रशासन द्वारा बनाई गई व्यवस्थाएं धरी रह गईं। धक्का-मुक्की के बीच श्रद्धालु एक-दूसरे को हटाते हुए आगे बढ़ने का प्रयास करते दिखे। भीड़ में फंसे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्गों की चीखें सुनने वाला कोई नहीं था। विद्यापीठ चौराहा पर बने बैरियरों पर धक्का-मुक्की से बच्चे, बुजुर्ग व महिलाएं परेशान रहे।
जैसे-जैसे धूप चढ़ती गई, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होने लगा। दाऊजी मंदिर तिराहा बैरियर, मुख्य गली और मंदिर चबूतरे पर श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी अधिक थी कि उन्हें संभालने के लिए पुलिसकर्मी व सुरक्षाकर्मियों के पसीने छूट गए। दोपहर 11 बजे के लगभग भीड़ का दवाब मुख्य गली पर इस कदर बढ़ गया कि धक्का-मुक्की में लोग समीप की दुकानों में गिर रहे थे। बैरियर पर धक्का-मुक्की से कई महिलाएं चीखने लगीं। बैरियर खुला तो लोग मंदिर की तरफ दौड़े। चबूतरे की सीढि़यों पर चढ़ने के दौरान कई श्रद्धालु गिर गए। वहीं बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत हुई। भीड़ में फंसी महिलाएं रैलिंग पर चढ़कर दूसरी ओर उतरी तब उन्हें राहत मिली। यही हालात शाम को भी रहे।
ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में लगातार भीड़ का दबाव बढ़ रहा है। भीड़ को संभालने के लिए निजी सुरक्षा गार्ड की मदद ली जा रही है।
मुनीष शर्मा, प्रबंधक, ठाकुर बांके बिहारी मंदिर।
प्रशासन की परीक्षा आज
बुधवार को हिंदू नववर्ष पर ठाकुर श्रीबांके बिहारी मंदिर में भीड़ उमड़ने की संभावना है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन के सामने मंदिर में दर्शन की व्यवस्था को दुरुस्त करने की परीक्षा है।