मथुरा/नंदगांव। बरसाना के इकबाल हत्याकांड का रविवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया है कि इकबाल को उसके दोस्त हाशिम ने चाय पिलाने के बहाने बुलाया और दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्यारोपी हाशिम को पुलिस ने शनिवार रात मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया।
पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया था और उपचार के बाद उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी के पास से लूट से संबंधित 53,500 रुपये व हत्या में प्रयुक्त बाइक, तमंचा-कारतूस आदि बरामद हुए हैं।
एसपी देहात त्रिगुण बिसेन ने बताया कि बरसाना थाना क्षेत्र में नंदगांव से बदनगढ़ रोड पर स्थित बंबे के किनारे 10 अप्रैल की रात को शव मिला था। 11 अप्रैल को शव की शिनाख्त नगला इमाम खां के इकबाल (38) पुत्र याकूब के रूप में हुई थी। इकबाल के भाई तैय्यब ने शिनाख्त करते हुए पड़ोसी एवं इकबाल के दोस्त हाशिम पर हत्या का शक जाहिर किया था।
भाई ने बताया था कि इकबाल मजदूरी की जमा पूंजी जेब में ही रखता था। वह नहीं है। इस पर मामला लूट के इरादे से हत्या के शक पर गया। मोबाइल फाेन की कॉल डिटेल निकलवाई गई तो पता चला कि इकबाल को आखिरी फोन हाशिम ने ही किया गया था। सीसीटीवी खंगालने पर पता चला कि राजस्थान के कामां बॉर्डर के एक पेट्रोल पंप पर घटना वाली रात हाशिम बाइक में पेट्रोल भरवाने गया था। तब इकबाल उसके साथ था।
रविवार रात को सूचना मिली की कामा बॉर्डर की और से रिठौरा जाने वाले कच्चे रास्ते पर हाशिम बाइक से आ रहा है। घेराबंदी देखकर हाशिम पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने लगा। जवाबी फायरिंग में हाशिम के पैर में गोली लगी।
शादी का कर्ज चुकाने और ईद की खरीदारी के लिए दोस्त बना हैवान
बरसाना थाने के प्रभारी अरविंद कुमार निर्वाल ने बताया कि पुलिस की पूछताछ में हाशिम ने बताया कि पूरा गांव जानता था कि इकबाल की पत्नी उसे छह वर्ष पहले छोड़कर चली गई थी। कोई बच्चा भी नहीं है। वह इकबाल के साथ वह भूसे की ट्रॉली लादने व खाली करने का काम करता था। इकबाल को जो भी मजदूरी मिलती उसे वह जेब में ही रखता था। हाशिम के अनुसार, उसकी आठ माह पहले शादी हुई थी। ब्याज पर डेढ़ लाख रुपये कर्ज ले रखा था।
इधर, ईद आ गई थी। उसकी भी खरीदारी करनी थी। रुपयों का इंतजाम करने के लिए इकबाल की हत्या कर उसकी जेब से रकम लूटने की साजिश रची। 10 अप्रैल की रात को उसे अपने घर बुलाया और खुद चाय बनाकर पिलाई। इसके बाद मजदूरी का पैसा लेने के बहाने से नंदगांव से बदनगढ़ रोड पर स्थित बंबा किनारे ले गया। वहां रास्ते में लघुशंका के बहाने बाइक रोकी। पीछे से आकर धोखे से इकबाल के गले में दुपट्टा डालकर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी और जेब में रखे करीब 70 हजार रुपये लूट लिए। ईद की खरीदारी पर 15 हजार रुपये के करीब खर्च कर दिए।
हिरासत में हाशिम बोला- अच्छा आदमी था इकबाल
पुलिस को हैरानी तब हुई जब आरोपी हाशिम पूछताछ के दौरान इकबाल को लेकर बोला कि वह अच्छा आदमी था। मगर, उसे रुपयों की जरूरत थी तो उसकी हत्या कर लूट की वारदात को अंजाम दिया। गिरफ्तार करने वाली टीम में इंस्पेक्टर अरविंद कुमार निर्वाल, अरविंद पूनिया, अजय अवाना, हेड कांस्टेबल यशपाल आदि शामिल रहे।