मथुरा। जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण योजना (जेनर्म) के तहत संचालित बसों के बंद होने के बाद ग्रामीण मार्गों पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन निगम ग्रामीण मार्गों पर बसों के संचालन का दावा तो कर रहा है, लेकिन बसों की कम संख्या डग्गमार को बढ़ावा दे रही है।
जेनर्म योजना के तहत महानगर में लगभग 60 बसों का संचालन किया जाता था। इसमें अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होती थी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आने वाले दैनिक यात्रियों को काफी सहूलियत होती थी, लेकिन जब से जेनर्म सेवा बंद हुई है। दैनिक यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर डग्गामार वाहनों से यात्रा करने को मजबूर हैं।
परिवहन निगम ग्रामीण क्षेत्रों के मार्गों पर बसों के संचालन का दावा तो कर रहा है, लेकिन उसका यह दावा खोखला साबित हो रहा है। कुछ ग्रामीण मार्गों पर रोडवेज की बसें संचालित हो रही हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण इससे दैनिक यात्रियों को कोई फायदा नहीं हो रहा।
परिवहन निगम के अधिकारियों ने बताया कि गोवर्धन, बरसाना, बलदेव, नौहझील मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन हो रहा है। बलदेव के लिए तो दो एसी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन हो रहा है। बावजूद इसके दैनिक यात्रियों को कोई राहत नहीं मिल रही है।
इन मार्गों पर संचालित होती थीं जेनर्म सेवा
मथुरा-गोवर्धन, मथुरा-गोवर्धन-बरसाना, मथुरा-मांट वाया राया, मथुरा-वृंदावन, छाता-बरसाना, गोवर्धन-बलदेव वाया मथुरा, मथुरा-शेरगढ़ वाया छाता, वृंदावन-टैटीगांव, वृंदावन-बाजना वाया टैंटीगांव, वृंदावन-बलदेव वाया मथुरा व फरह-परखम-ओल ।
बयान
ग्रामीण मार्गों पर बसों का संचालन कराया जा रहा है। कुछ मार्ग हो सकते हैं जहां रोडवेज की बसें संचालित न हो। उन मार्गों पर जल्द ही बसों का संचालन कराया जाएगा।
- संतोष अग्रवाल, स्टेशन अधीक्षक