मथुरा। शातिर अपराधी अनिल उर्फ टिंकल पुलिस को चकमा देकर यूं ही नहीं भागा। उसे रिश्वतखोर पुलिस की कृपा मिली। रिश्वत लेकर अनिल को उसकी पत्नी से होटल के कमरे में मिलाने की अनुमति देने की हरियाणा व मथुरा पुलिस में चर्चा है। हालांकि अब तक आरोपी पुलिसकर्मी इस बात को कबूल नहीं कर रहे हैं। एसएसपी ने मामले में जांच बैठा दी है।
पूरे मामले में तीनों पुलिसकर्मियों सहित पूरे सिस्टम की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर, जिस शातिर अपराधी पर 8 मुकदमे दर्ज हैं, उसे बंदी वाहन से क्यों नहीं पेशी पर भेजा गया। आखिर क्यों पुलिसकर्मी पलवल से लौटते वक्त उसे सीधे मथुरा तक रोडवेज बस में लेकर नहीं आए। क्यों पलवल से होडल तक की यात्रा टेंपो से की गई। होडल में बस के इंतजार में अनिल और पुलिसकर्मी खड़े हैं इसकी सटीक जानकारी अनिल की पत्नी को कैसे थी, जो मौके पर पहुंच गई। चर्चा है कि अनिल ने भागने की साजिश पहले से ही पत्नी के साथ मिलकर रच ली थी। मथुरा से जाते समय ही पुलिसकर्मियों को रिश्वत का लालच दिया। इसमें पुलिसकर्मी फंस गए। रिश्वत लेने के बाद ही वह उसे होडल तक टेंपो में लेकर आए। यहां बस का इंतजार करना महज बहाना था, अनिल को उसकी पत्नी से मिलाना था।
पुलिस को बॉय करते हुए पत्नी संग भागा अनिल
अनिल उर्फ टिंकल अपनी पत्नी के साथ होटल के बाहर खड़ी स्कूटी पर बैठकर भागते समय बाकायदा पुलिस को हाथ हिलाकर बॉय बोलता हुआ गया। हेडकांस्टेबल ज्ञान सिंह, कांस्टेबल विवेकानंद और दिलीप उसके पीछे भी भागे, लेकिन वह हाथ नहीं आया।
पुलिस को बता दो, मैं अब हाथ नहीं आऊंगा
अनिल के भागने के बाद पुलिसकर्मियों ने उसके पिता हरवीर और मां से संपर्क किया। हरवीर ने आश्वासन दिया कि वह घर आएगा तो उसे पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा। इसके बाद हरवीर ने पुलिसकर्मियों के लिए गाड़ी भी भेजी। तीनों पुलिसकर्मी उसके घर पहुंचे। कई रिश्तेदारियों में उसके परिजनों से फोन कराया। इसी दौरान अनिल की मां के फोन पर एक अनजान नंबर से फोन आया। वो कॉल अनिल उर्फ टिंकल ने ही किया था। हरवीर की मां ने उससे कहा कि पुलिस उसे तलाश रही है। परिवार वालों से भी संपर्क किया है। पत्नी को लेकर आ जा। अनिल ने जबाव दिया कि पुलिस को बता दो कि मैं अब नहीं आने वाला। पुलिस उस अनजान नंबर की जानकारी जुटाने में लगी है।
आठ मुकदमों में नामजद, हरियाणा के एक बड़े गैंग का है सदस्य
अनिल उर्फ टिंकल 8 मुकदमों में नामजद है, जिनमें से दो मथुरा और बाकी हरियाणा में दर्ज हैं। उसके खिलाफ 9वां मुकदमा बुधवार को दर्ज हुआ है। बताया जाता है कि अनिल हरियाणा के एक बड़े गैंग का सदस्य है। गैंग गुरुग्राम में भी आपराधिक वारदात में सक्रिय रहता है।
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अनिल ने पांच माह पहले भी रची थी भागने की साजिश
- 21 अगस्त 2023 को मथुरा जेल से कोर्ट में पेशी पर आते समय बंदी वाहन में की थी सह बंदी से लड़ाई
- 22 सितंबर 2022 में चोरी की कार व अपने दो साथियों को छोड़कर भाग गया था
मथुरा। अनिल उर्फ टिंकल पुलिस को चकमा देने में माहिर है। उसने 21 अगस्त 2023 को भी पुलिस की हिरासत से भागने की साजिश रची थी। इससे पहले वह 22 सितंबर 2022 को शहर कोतवाली पुलिस की घेराबंदी को तोड़कर भी भाग चुका है। उस वक्त इसके दो साथियों को पुलिस ने फर्जी नंबर प्लेट लगी चोरी की कार के साथ गिरफ्तार किया था। बाद में इसे गिरफ्तार किया गया था।
21 अगस्त को 2023 को अनिल उर्फ टिंकल को उसके छह साथियों सहित मथुरा कोर्ट में तारीख पर बंदी वाहन से रवाना किया गया था। इसी वाहन में हत्या के आरोप में जेल में 31 अगस्त 2022 से निरुद्ध गैंगस्टर हरिओम पुत्र सुखवीर निवासी पैगाम, शेरगढ़ अपने चार साथियों के साथ सवार हुआ था। इनमें सीट को लेकर विवाद हुआ। हरिओम और अनिल उर्फ टिंकल ने एक दूसरे पर नुकीली वस्तु से प्रहार किए। इनके गैंग के लोग भी भिड़ गए थे। मगर, पुलिस ने उस वक्त सही निर्णय लिया और रास्ते में बंदी वाहन नहीं रोका। चालक वाहन को कचहरी की हवालात की ले आया। इस मामले में पुलिस लाइन में तैनात एसआई राजेश कुमार ने सदर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इससे पहले 22 सितंबर 2022 को चोरी की एक कार में तीन अपराधी मथुरा आने की जानकारी पुलिस को मिली। बजरंग चौराहे के पास पुलिस ने कार की घेराबंदी कर ली थी। इसमें अनिल सहित तीन लोग सवार थे। पुलिस की घेराबंदी तोड़कर अनिल मौके से भाग गया था। पुलिस ने उसके साथियों बल्देव पुत्र टेक सिंह निवासी तुमोला, कोसीकलां और सौरभ पुत्र गोपाल निवासी खोकियाका, हथिन, पलवल (हरियाणा) को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।