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Mathura News: परिक्रमा मार्ग में चल रही नाव, 100 से अधिक कॉलोनियों में पानी

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मथुरा /वृंदावन। यमुना नदी अब अपना रौद्र रूप दिखाने लगी है। मथुरा-वृंदावन, सदर, गोकुल बैराज और कोयला अलीपुर के आसपास की 100 से अधिक कॉलोनियों में पानी घुस गया है। जिले भर में एक लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। वृंदावन और जयसिंहपुरा की कॉलोनियों में पांच से छह फुट तक पानी आ गया है।
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वृंदावन के वारहघाट से लेकर चामुंडा मंदिर तक यमुना जल भर गया है। रविवार की सुबह जब लोगों ने घरों के बाहर देखा तो दरवाजे तक पानी आ चुका था। इस क्षेत्र में यमुना की खादर में बसी श्रीजी वाटिका, गऊ घाट, कालिंदी विहार आदि में पानी घुस गया है। बर्फ फैक्ट्री के पीछे मयूर विहार में फंसे लोगों को निकाला जा रहा है। यहां घरों में चार फुट तक पानी भर गया है। कालीदह से आगे चीर घाट तक परिक्रमा मार्ग लबालब हो गया है। यही हाल जगन्नाथ मंदिर के आसपास हैं। पानीघाट के पास बनी कॉलोनियों में पांच से छह फुट तक पानी आ गया है. पानीघाट चौराहा भी डूब गया है। चार संप्रदाय की ओर तेजी से भी पानी बढ़ रहा है। श्याम कुटी से चामुंडा मंदिर तक भी परिक्रमा मार्ग पर पानी ही पानी है।

परिक्रमा मार्ग से होकर बाढ़ का पानी ज्ञान गुदड़ी तक जा पहुंचा है। यहां लाला बाबू मंदिर के पीछे के गेट तक सड़कें जलमग्न हो गई हैं। देवरहा बाबा से टटिया स्थान तक पानी पहुंच गया है। जुगल घाट से बाढ़ का पानी बांकेबिहारी मंदिर के पास दाऊजी मंदिर तिराहा तक आ गया है। यमुना में आई बाढ़ ने बड़ी संख्या में लोगों को घर छोड़ने के लिए विवश कर दिया है।
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जयसिंहपुरा खादर में बनीं करीब 50 से अधिक कालोनियों में यमुना का पानी प्रवेश कर गया है। गणेश धाम, लक्ष्मीनगर, तमोली धर्मशाला क्षेत्र, किशोरी नगर, गणेश नगर में बने सैकड़ों घरों में यमुना का पानी घुस गया। यहां की सड़कों पर पानी करीब तीन फीट तक हैक। सैकड़ों की संख्या में लोग घरों को छोड़कर अपने सामान को लेकर पलायन कर रहे हैं। वह बाढ़ राहत शिविरों में पहुंच रहे हैं। इसके अलावा रिश्तेदारों और परिचितों के यहां जाकर शरण ले रहे हैं। यही हाल यमुना पार की कालोनियों का है। यहां तिवारी पुरम में भी यमुना का पानी प्रवेश कर गया है। यमुना के रौद्र रूप को देखते हुए लोग घरों का ताला लगाकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। गोकुल बैराज के निचले इलाकों में बनी बल्देवपुरी कालोनी समेत आसपास की कालोनियों में यमुना के पानी ने दस्तक दे दी है। कोयला घाट और इसके आसपास वासुदेव नगर, राज पुरम, गिर्राज पुरम, गिरिराज वाटिका, रांची की खादर और आसपास के क्षेत्र में पानी घुस गया है।





फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान लाने में नाविक बने सहारा

वृंदावन। वारहघाट से चीर घाट तक खादर में बसी कॉलोनियों के प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर लाने ले जाने के लिए प्रशासन के साथ-साथ नाविक भी जुटे हैं। नाव और स्टीमर से लोगों के साथ सामान को ला रहे हैं। करीब पांच से छह नाव और स्टीमर इन दोनों घाटों के बीच परिक्रमा रोड पर चल रहे हैं।
नाविक राम निषाद ने बताया कि वह रविवार की दोपहर तक 500 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. मोटर साईकिल, ई रिक्शा, घरेलू जरूरी सामान, मवेशी और पशुओं को भी स्टीमर से लाएं हैं। अपनी इच्छा से जो कोई कुछ दे देता है, उसे रख लेते हैं।
शृंगार घाट से चीर घाट तक लोगों को नाव के जरिये छोड़ने वाले मुकेश निषाद ने बताया कि आसपास रहने वाले बहुत लोगों का सामान और उन्हें शिफ्ट कराया है। जरूरतमंदों के लिए परिक्रमा मार्ग पर नाव चला रहे हैं।







बाढ़ : 11 गांवों में घुसा पानी, छिनपारई में मकान गिरा

मथुरा। यमुना के बढ़ते नजर स्तर का प्रभाव ग्रामीण अंचल में अब भयावह रूप लेता जा रहा है। नौहझील, मांट और मथुरा ब्लॉक अंतर्गत 11 गांवों में पानी पहुंच गया है। यहां से लोगों को बाहर निकाल लिया है। नौहझील के छिनपारई गांव में एक मकान गिर गया है। गांव की बिजली भी काट दी गई है।

नौहझील क्षेत्र के एक दर्जन से ज्यादा गांवों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। गांव छिनपारई में हालात ज्यादा खराब हैं। यहां गांव के चारों तरफ भर गया है। लोग घरों में कैद हैं। रविवार को बाढ़ के पानी से एक मकान भरभराकर गिर पड़ा। गनीमत रही कि एसडीएम प्रीति जैन ने मकान में रहने वाले परिवार को कुछ घंटे पहले ही बाहर निकलवा दिया था। ग्राम प्रधान बच्चू सिंह ने बताया कि गांव की विद्युत सप्लाई काट दी गई है। लोग परेशान हैं। ग्रामीणों को पीने का पानी भी नसीब नहीं हो रहा है।

टैंटीगांव। यमुना में लगातार जलस्तर बढ़ने से सुरीर क्षेत्र के तटीय इलाकों में यमुना में गिरने वाले नाले वापसी उफान पर है। जिससे नालों के समीप किसानों के खेतों में खड़ी मूंग,धान,ज्वार, बाजरा,उर्द,अरहर, आदि फसलों में पानी में डूब रही हैं। जिससे हरनौल स्केप, मीरपुर नाला पूरे उफान पर है। इसका असर सरकोरिया, मीरपुर, सुल्तानपुर नगला सपेरा, सुरीर में बैकुंठी मंदिर के अलावा सिंहावन, भिदौनी, औहावा, सामौली, आदि गांवों के किसानों की सैकड़ों बीघा फसल पर भी है। किसान कन्हैयालाल राघव, रामहेत सिंह, राकेश कुमार,पोहप सिंह,पवन कुमार, कुंवरपाल सिंह, बच्चूसिंह, चंद्रपाल, मोहन सिंह, शिवराम, आदि किसानों के खेतों में खड़ी फसल में पानी भर गया है।
शेरगढ़ क्षेत्र के गांव बाबूगढ़ में हालत और खराब हो रहे हैं। बढ़ते पानी को देख गांव वाले भयभीत हैं। प्रशासन घरों को खाली करा रहा है। जानवरों को भी गांव से बाहर भेजा गया है।मांट। यमुना का पानी मांट क्षेत्र में रौद्र रूप है। इसके चलते बेगमपुर,जहांगीरपुर आबादी में पानी घुस गया है। बाढ़ में फंसे होने वाले ग्रामीणों का तत्काल राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। बेगमपुर में जलभराव से मकानों में दरारें आ गई हैं। यहां आधा दर्जन से अधिक मकानों में दरारें पड़ गई हैं। इन मकानों में रहने वालाें काे राशित शिविर भेजा गया है।

बाजना में क्षेत्रीय विधायक राजेश चौधरी ने एसडीएम मांट और एनडीआरएफ टीम के साथ नाव में बैठकर बाढ़ प्रभावित गांवों में दौरा किया। स्वयं ट्रैक्टर चलाकर मखदुमपुर से छिनपाराई पहुंचे क्षेत्रीय विधायक ने ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया। बर्बाद फसलों को देखा। उन्होंने दौलतपुर और बसाऊ गांव भी जाकर लोगों का हाल जाना। बसाऊ गांव के तमाम घरों में पानी अंदर घुस गया है। एसडीएम प्रीति जैन ने विधायक को बताया कि छिनपाराई गांव से एक परिवार को घर से काफी समझा-बुझाकर निकाला गया। रात्रि में उस घर की दीवार टूट गई।इसी तरह इसी गांव की एक गर्भवती महिला को एंबुलेंस भेज कर हॉस्पिटल भिजवाया गया।
बलदेव में गांव अकोस में बाढ़ की खतरनाक स्थिति देखने को मिल रही है। पानी से खेत जलमग्न हो गए हैं। यमुना में पानी बढ़ने पर विधायक प्रतिनिधि पंकज प्रकाश व राजस्व टीम ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। महावन के उदासीन कार्ष्णि आश्रम में यमुना का पानी पहुंच गया है। इसके अलावा बलदेव क्षेत्र के खडैरा घाट पर यमुना उफान में शिव मंदिर, श्मशान स्थल डूबा गया है। बलदेव से यमुना में होकर गढ़ाया फरह आने जाने वाली नाव सेवा बंद हो गई है।
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