फरह। उत्तर प्रदेश की सड़कों पर भीख मांगने के काम में उपयोग की जा रही 60 वर्षीय नेत्रहीन हथनी हौली को रेस्क्यू कर हाथी संरक्षण केंद्र एवं अस्पताल लाया गया था। यहां हौली ने अपनी आजादी के 5 वर्ष पूरे किए। इस मौके पर उसे फल खिलाए गए।
सड़कों पर भीख मांगने के कारण नेत्रहीन हथनी के जोड़ों में घुमाव, पैरों में गंभीर गठिया रोग जैसी शारीरिक समस्याएं थी। बुढ़ापे के कारण स्थिति और भी खराब हो गई थी। वाइल्डलाइफ एसओएस की पशु चिकित्सा सेवाओं के उप निदेशक डॉ. इलिया राजा ने बताया शुरुआत में हौली को गठिया रोग के कारण लंबी दूरी तक चलने में कठिनाई होती थी। वह खड़े होकर सोना पसंद करती थी।
पशु चिकित्सा टीम ने पौष्टिक आहार के साथ-साथ उसके उपचार पर ध्यान देना शुरू किया, तो फिर उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। पांच साल में हौली में काफी बदलाव आया है। अस्पताल परिसर में एक अन्य मादा हथनी कल्पना से उसकी गहरी दोस्ती हो गई है। संवाद