मथुरा। जमुनापार थाना क्षेत्र के लोहवन इलाके से कोटा पुलिस द्वारा गिरफ्तार हथियार तस्कर भोला कौशिक उर्फ भोला पंडित के संपर्क अलीगढ़ के इगलास-गोंडा में संचालित किसी हथियार फैक्ट्री के संचालकों से थे। उनसे हथियार खरीदकर वह राजस्थान के अपराधियों को सप्लाई करता था। कोटा पुलिस की जांच-पूछताछ में यह बातें सामने आई हैं। इधर, मथुरा पुलिस व खुफिया तंत्र की टीमें भी भोला के विषय में सुराग जुटाने में लगी हैं।
भोला के पिता रामनारायण सिंह मूलरूप से महावन के गांव किशनपुर के रहने वाले हैं। पेशे से कृषक रामनारायण के 6 बच्चे हैं, जिनमें भोला तीसरे नंबर का है। वह 2013 में किशनपुर से अपना मकान बेचकर जमुनापार थाना क्षेत्र के लोहवन गांव में पेट्रोल पंप के निकट मकान बनाकर रहने लगे। पढ़ाई में होशियार भोला ने 10वीं तक की पढ़ाई एक स्थानीय इंटर काॅलेज से की। इसके बाद छाता स्थित एक विवि में उसका दाखिला पॉलिटेक्निक में करा दिया गया। यहां से वह पढ़ाई को अधूरी छोड़ आईआईटी की तैयारी करने 2017 में कोटा चला गया था।
इंजीनियर बनने का सपना लेकर गया था, बन गया जरायम पेशेवर
महज 17 साल की उम्र में अपनी आंखों में इंजीनियर बनने का सपना लेकर भोला घर छोड़कर कोटा पहुंचा, लेकिन हालात को कुछ और ही मंजूर था। 2018 में भोला हत्या के मामले में जेल चला गया। उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया। वहां उसकी मुलाकात अन्य अपराधियों से हो गई। उनकी संगत में आकर जरायम पेशेवर बन गया। भोला ने अपराध की दुनिया में कदम रखा और हथियारों की सप्लाई करने लगा। वह उत्तर प्रदेश व राजस्थान के कई बड़े अपराधियों को हथियारों की आपूर्ति करता था।
पिता ने सुधारने की खातिर छोड़ रखा था बेटी की ससुराल
भोला को सुधारने के लिए उसके पिता ने कई जतन किए। दरअसल, भोला हत्या के अभियोग में कोटा जेल से छूटकर आया तो 2020 में गांव में चुनावी रंजिश में हुई फायरिंग में उसका नाम आ गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हथियार बरामदगी का मुकदमा भी दर्ज हुआ था। इसके बाद भोला जेल से आया तो पिता ने उसे अपनी बेटी की ससुराल हाथरस भेज दिया था। इसके बाद वह कभी मथुरा तो कभी हाथरस में रहने लगा था।
भोला से हुई जांच-पूछताछ में अलीगढ़ की एक शस्त्र फैक्ट्री का नाम सामने आया है। उसका सुराग जुटाया जा रहा है।
- सतीश चंद्र, इंस्पेक्टर विज्ञान नगर पुलिस थाना, कोटा