मथुरा। अब दो दिन बाद नए साल 2022 का आगाज होने जा रहा है। इस बार ज्येष्ठा नक्षत्र, वृश्चिक राशि एवं धनु लग्न में भागवान भास्कर नए साल पर उदित होंगे। ज्योतिष गणना के अनुसार 2022 की शुरूआत में शनि का भी गोचर होने जा रहा है। शनि मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे।
दीपक ज्योतिष भागवत संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि साल 2022 के स्पर्श की लग्न कन्या और राशि वृश्चिक है। चंद्रमा, मंगल एवं केतु के साथ तृतीय स्थान में हैं। इससे भारतवर्ष का पराक्रम बढ़ाएगा। राजनीतिक अस्थिरता, समाज में निरंकुशता, जन सामान्य का जीवन कष्टप्रद, दुर्घटना, दैवीय एवं प्राकृतिक आपदा के भी योग है। उनका मानना है कि कुंभस्थ बृहस्पति के कारण राजा, मंत्री एवं प्रजा का परस्पर समभाव बना रहेगा। जनकल्याण के लिए उत्तम योजनाएं बनेंगी, जो देश की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करेंगी।
ज्योतिषाचार्य आलोक गुप्ता बताते हैं कि नए साल 2022 में शनि का भी गोचर होने वाला है। शनि मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। शनि का राशि परिवर्तन ढाई साल पर होता है। शनि को न्याय का देवता कहा जाता है। शनि देव कर्मों के अनुसार लोगों को फल देते हैं। इस समय शनि मकर राशि में हैं। इसका कुंभ राशि में गोचर होगा। इसके साथ ही तुला और मिथुन राशि वाले भी शनि की ढैय्या से मुक्त हो जाएंगे। शनि ग्रह के कुंभ राशि में प्रवेश करते ही नए साल में कर्क, वृश्चिक और मीन राशि वाले जातकों पर शनि का प्रभाव देखने को मिलेगा।