ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करते श्रद्धालु
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ठाकुर बांकेबिहारी महाराज का 480 वां प्रादुर्भाव महोत्सव 17 दिसंबर को बांकेबिहारी मंदिर और उनकी प्राकट्य स्थली निधिवन में धूमधाम से मनाया जाएगा। परंपरागत महोत्सव की तैयारियां सेवायत गोस्वामियों द्वारा जोरों से की जा रही हैं। इसके साथ ही नए वर्ष के अंत में भी बड़ी संख्या भक्त आते हैं। इसके लिए एडवांस बुकिंग शुरू हो गई, जिस वजह से होटल-गेस्ट हाउस फुल हो गए हैं।
मंदिर के सेवायत आचार्य प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी ने बताया कि 17 दिसंबर को विहार पंचमी तिथि पर प्रात: ठाकुरजी की प्राकट्य स्थली निधिवन में दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, गंगा-जमुना एवं गुलाबजल आदि से पहले सेवायत गोस्वामी उसके बाद श्रद्धालुओं द्वारा अभिषेक किया जाएगा। ठाकुरजी के प्राकट्यकर्ता स्वामी हरिदास महाराज की बधाई चाव शोभायात्रा (सवारी) निधिवन से शुरू होकर दोपहर 12 बजे बांकेबिहारी मंदिर पहुंचेगी।
माना जाता है कि स्वामी हरिदासजी अपने आराध्य को प्राकट्य की बधाई देने के लिए सवारी से ठाकुरजी के मंदिर जाते हैं। मंदिर में बांकेबिहारी का मंगल टीका करके मेवाओं का तथा मोहनभोग यानी हलुआ का भोग लगाया जाएगा और विशेष प्रादुर्भावोत्सव आरती उतारी जाएगी। ठा. बांकेबिहारी महाराज, स्वामी हरिदास एवं जगन्नाथजी को एक साथ राजभोग धराया जाएगा। इसके बाद राजभोग आरती की जाएगी और भक्तों को मोहन भोग का प्रसाद वितरित किया जाएगा।