मथुरा। एडीजे तृतीय की अदालत ने मासूम की हत्या में नामजद मौसेरी बहन की जमानत खारिज कर दी। महिला थाने में तैनात पुलिस कांस्टेबल रेशमा देवी पुलिस लाइन में ही अपने दो वर्ष के बेटा लड्डू उर्फ दुष्यंत के साथ रहती थी।
बेटे की देखभाल के लिए उसने अपनी मौसेरी बहन पूजा पुत्री संजय निवासी कासगंज को अपने पास रखा हुआ था। रेशमा के पति सूरज भी पुलिस में नौकरी करते हैं, जो पुलिस लाइन में ही रहते थे। 15 अक्तूबर 2020 को जब रेशमा घर पर पहुंची तो पुत्र लड्डू बिस्तर पर खून से लथपथ पड़ा मिला।
पूजा के हाथ की नसें कटी हुई थीं। रेशमा ने पूजा के खिलाफ थाना सदर बाजार में रिपोर्ट दर्ज कराई। पूजा की ओर से एडीजे तृतीय मनोज कुमार मिश्रा प्रथम की अदालत में जमानत अर्जी लगाई, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। एडीजीसी भीष्म दत्त सिंह तोमर ने बताया कि अदालत ने पर्याप्त आधार न मिलने पर मासूम की हत्या में नामजद पूजा की जमानत खारिज कर दी।