मथुरा। शहर और देहात क्षेत्र को विद्युत आपूर्ति देने वाले औरंगाबाद 132 केवी सब स्टेशन को दस साल बाद ओवरलोडिंग से मुक्ति मिलने वाली है। इससे इस सब स्टेशन से जुड़ी करीब 50 हजार की आबादी को विद्युत कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा। नवंबर के अंत तक फरह के गांव सलेमपुर में गैस इंसुलेटेड तकनीक से बना 132 केवी सब स्टेशन शुरू हो जाएगा।
कचहरी मार्ग स्थित औरंगाबाद सब स्टेशन पिछले करीब 10 साल से ओवरलोड से जूझ रहा है। अक्सर दूसरे बिजली घरों से यहां के फीडरों को संचालित करना पड़ता है। इसके बाद भी करीब 15 हजार उपभोक्ताओं को कटौती का सामना करना पड़ता है। इस समस्या से राहत के लिए निगम ने औरंगाबाद सब स्टेशन की क्षमता बढ़ाने के स्थान पर फरह के गांव सलेमपुर में नए बिजली घर का निर्माण कराया। नई तकनीक (गैस इंसुलेटेड) से बने इस 132 केवी सब स्टेशन के शुरू होते ही औरंगाबाद सब स्टेशन को ओवरलोडिंग से मुक्ति मिल जाएगी और 50 हजार की आबादी वाले क्षेत्र को विद्युत कटौती से राहत मिलेगी।
औरंगाबाद सब स्टेशन के अधिकारियों का कहना है कि इस बिजली घर से फरह साइड बी तक सप्लाई की जाती है। इसके अलावा शहर के कई क्षेत्रों को भी विद्युत आपूर्ति की जाती है। इस कारण यहां लोड बना रहता है। सभी फीडरों को संचालित करने के लिए दूसरे बिजली घरों से फीडरों को जोड़कर सप्लाई चालू करानी पड़ती है, लेकिन सलेमपुर में बने 132 केवी सब स्टेशन के चालू होते ही इस समस्या से मुक्ति मिल जाएगी।
सलेमपुर में बने रहे 132 सब स्टेशन के चालू होते ही औरंगाबाद सब स्टेशन को सबसे बड़ी राहत मिलेगी। क्योंकि हमें फरह तक बिजली देनी पड़ती है। यही कारण है कि सब स्टेशन ओवरलोड है। -सचिन शर्मा, अधिशासी अभियंता (क्षेत्र द्वितीय)
छह बिजलीघरों की क्षमता वृद्धि, मिलेगी निर्बाध आपूर्ति
विद्युत निगम का ट्रांसमिशन विभाग बिजली घरों की क्षमता बढ़ाने में लगा हुआ है ताकि जरूरत के मुताबिक बिजली आपूर्ति की जा सके। ट्रांसमिशन विभाग के एसडीओ विपिन सिंघल ने बताया कि 220 केवी के गोकुल सब स्टेशन में अब तक 66 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर थे, अब 66 एमवीए का एक और ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। इसी तरहत 132 केवी सब स्टेशन मांट की 80 एमवीए की क्षमता थी, जिसे बढ़ाकर 120 एमवीए किया जा रहा है।
220 केवी सब स्टेशन छाता की 80 एमवीए की क्षमता थी, इसे भी 120 एमवीए करने का कार्य चल रहा है। 132 केवी सब स्टेशन वृंदावन की 126 एमवीए की क्षमता को बढ़ाकर 189 एमवीए करने का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि 132 केवी के औरंगाबाद सब स्टेशन की क्षमता 126 एमवीए से बढ़ाकर 189 एमवीए करने का कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। 132 केवी सब स्टेशन सेकेंड (जचौंदा) की क्षमत 126 एमवीए से बढ़ाकर 166 एमवीए करने का कार्य भी जल्द शुरू हो जाएगा। अधिशासी अभियंता (ट्रांसमिशन), विजेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद में बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। इसलिए 42 करोड़ रुपये की लागत से छह प्रमुख बिजलीघरों की क्षमता वृद्धि कराई जा रही है।