मथुरा। जंक्शन पर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव का समय बढ़ाने से एसीपी (अलार्म चेन पुलिंग) की घटनाओं में 20 से 40 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। चलती ट्रेन में चढ़ते समय होने वाले हादसों पर भी अंकुश लगा है।
मथुरा जंक्शन से रोजाना करीब 65 हजार यात्री ट्रेन में सफर करते हैं। लंबी दूरी की कई प्रमुख ट्रेनों के साथ अप और डाउन ट्रैक पर 140 ट्रेनों का ठहराव मथुरा जंक्शन पर रहता है। कई ट्रेनें ऐसी थी। जिनका जंक्शन पर केवल 1 या 2 मिनट का ठहराव रहता था। यात्रियों की संख्या ज्यादा हो जाने पर कई यात्री ट्रेन में चढ़ नहीं पाते थे। नतीजन यात्रियों द्वारा चेन पुलिंग कर दी जाती थी। चलती ट्रेन में चढ़ते समय यात्री हादसे का शिकार भी हो जाते थे। वजह का मंथन करने पर सुझाव आया कि ट्रेनों का ठहराव जंक्शन पर बढ़ा दिया जाए तो घटनाओं पर अंकुश लगेगा। इसके बाद कई प्रमुख ट्रेनों का ठहराव जंक्शन पर दो मिनट से बढ़ाकर पांच मिनट कर दिया गया।
महानिदेशक आरपीएफ मनोज यादव ने घटनाओं की समीक्षा की तो सामने आया कि एसीपी और हादसों की संख्या में काफी कमी आई है। स्टेशन निदेशक संजीव कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्रस्ताव भेजकर ट्रेनों का ठहराव जंक्शन पर बढ़ाया गया है। इससे अलार्म चेन पुलिस और हादसों में कमी हुई है। यात्रियों को भी काफी राहत मिली है।
कुछ समय पूर्व बढ़ाया गया था इन ट्रेनों के ठहराव का समय
कुछ समय पहले जंक्शन पर आने वाली 6 ट्रेनों के ठहराव समय में बदलाव किया गया था। इनमें ट्रेन संख्या 12723, 12724, 12779, 12780, 12137, 12138 शामिल थी। ये सभी ट्रेनें पहले दो मिनट के लिए जंक्शन पर ठहराव लेती थी। अब इन ठहराव समय बढ़ाकर पांच मिनट कर दिया गया है।