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मथुरा में दर्दनाक हादसा: रात के अंधेरे में शव को कुचलते हुए कई घंटे गुजरे वाहन, हादसे में बुजुर्ग महिला की मौत

Fri, 22 Mar 2024 10:42 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा

सार

रिफाइनरी थाना क्षेत्र के बरारी इलाके में आगरा-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर रात एक वृद्ध महिला की अज्ञात वाहन की चपेट में मौत हो गई। वृद्धा नाती की मन्नौती पूरी होने पर गिरिराज महाराज की परिक्रमा के लिए परिवार सहित आई थी।
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सड़क हादसे में बुजुर्ग महिला की मौत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर रिफाइनरी थाना क्षेत्र के बरारी इलाके में बृहस्पतिवार रात एक वृद्ध महिला की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई। रात के अंधेरे में घंटों शव को कुचलते हुए कई वाहन गुजर गए। शव सड़क से चिपक गया। पुलिस ने खुरचकर शव के अवशेष एकत्रित कर पोस्टमार्टम को भेजा। वृद्धा मप्र के दतिया की रहने वाली थी। नाती की मन्नौती पूरी होने पर ब्रज दर्शन व गिरिराज जी महाराज की परिक्रमा को मथुरा आई थी। यहां से लौटते वक्त यह हादसा हुआ।

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पुष्पा बाई (62) पत्नी हरिदास निवासी इंदरगढ़, दतिया अपने परिवार के साथ नाती की मन्नौती पूरी होने पर ट्रैक्टर से 17 मार्च को ब्रज दर्शन को आई थी। यहां घूमने और गिरिराज महाराज की परिक्रमा करने के बाद परिवार के साथ दतिया लौट रही थी। वाकया रात करीब 11 बजे का है। परिवार बरारी इलाके के एक पेट्रोल पंप पर ट्रैक्टर को खड़ा कर आराम करने लगा।

इसी बीच महिला अपने पति हरिदास को बताकर शौच को चली गई। काफी देर तक वह वापस नहीं लौटी तो अन्य लोगों ने पूछताछ की। इसके बाद आसपास तलाश की गई तो मौके से करीब 300 मीटर दूर महिला का शव सड़क पर चिपका हुआ मिला। सूचना पर रिफाइनरी पुलिस पहुंची। शव के अवशेषों को खुरचकर एकत्रित करने के बाद पोस्टमार्टम को भेजा। सीओ रिफाइनरी श्वेता वर्मा के अनुसार मृतका के परिजन की तहरीर पर अज्ञात वाहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उनके सुपुर्द किया गया।
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दतिया लेकर गए शव, परिवार में मचा कोहराम
मृतका के बेटे सुरेश ने बताया कि दोपहर बाद शव का पोस्टमार्टम होने के बाद वह अंतिम संस्कार को दतिया के लिए निकल गए। महिला तीन बेटों की मां थी। सुरेश के अनुसार उनके छोटे भाई राजू की पत्नी को कोई बच्चा नहीं था। मां ने गिरिराज महाराज से मन्नौती की थी कि बच्चा होने पर वह परिक्रमा को जाएंगी। चार साल पहले मन्नौती पूरी हुई। भाभी ने एक बेटे को जन्म दिया। उस वक्त परिवार की माली हालत ऐसी नहीं थी कि परिक्रमा-दर्शन को आ सके। इसलिए अब आए थे। हादसे ने उनका सब कुछ छीन लिया।

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