मथुरा। रेल लाइन के पास मृत मिले युवक की अवैध संबंधों के शक में हत्या की गई थी। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक की तलाश की जा रही है। जांच में पता चला है कि पत्नी से अवैध संबंधों के शक में आरोपी ने अपने चाचा व सुसर के साथ मिलकर ताऊ के बेटे की हत्या की थी। वारदात को दुर्घटना साबित करने की नीयत से आरोपियों ने शव रेल की पटरियों पर रख दिया था।
सीओ सिटी अभिषेक तिवारी ने बताया कि अलीगढ़ स्थित थाना इगलास के गांव बहादुरपुरा निवासी साेनू पुत्र चंद्रपाल सिंह 1 जुलाई को अपने घर से आवश्यक कार्य करने का कहकर निकला था। इसके बाद वह गायब हो गया था। इस पर सोनू के पिता ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। इसी बीच थाना जैंत अंतर्गत गोवर्धन रोड से गांव मौरा होते हुए रेलवे लाइन पर एक अज्ञात शव मिला, जिसकी शिनाख्त सोनू के रूप में की गई।
इस मामले में 14 जुलाई को सोनू की मां ने जेठ के लड़के विजयपाल सिंह पुत्र रमेश, देवर किशन सिंह पुत्र सौरन सिंह निवासी बहादुरपुरा थाना इगलास जनपद अलीगढ, राजकुमार पुत्र नवाब सिह, विनीता पत्नी विजयपाल, नवाब सिंह पुत्र मूलचंद्र निवासी नगला गिरधारी थाना हाईवे के विरुद्ध अपने पुत्र की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि सोनू के विजयपाल की पत्नी से प्रेम संबंध थे। उन्होंने सोनू को समझाने का प्रयास किया लेकिन नहीं माना। इसके बाद एक जुलाई को आरोपी किशन सिंह एवं विजयपाल सोनू को अपनी बाइक पर बैठाकर ले गए। उस समय सोनू नशे में था।
विजयपाल ने अपने ससुर नवाब सिंह को भी बुला लिया। इसके बाद चारों एक ही बाइक पर बैठकर गोवर्धन रोड से गांव मौरा होते हुए रेलवे लाइन के निकट पहुंचे। वहां तीनों ने साेनू का गमछे से गला घोंट दिया। जब वह मर गया तो शव रेलवे लाइन पर लिटा दिया ताकि सबको यही लगे कि रेल दुर्घटना में उसकी मौत हो गई है। सबूत मिटाने के लिए सोनू का बैग, कपड़े एवं फोन जला दिया। पुलिस ने इनमें से दो आरोपियों नवाब सिंह और किशन सिंह को गिरफ्तार कर लिया।