रानी मंडी क्षेत्र में फटे मकान और फर्श1
मथुरा। बैरागपुरा में बारिश के कारण तीन दिन पहले गिरे मकानों और आईं दरारों के बाद रानी मंडी में भी पांच मकानों में दरारें आ गई हैं। बारिश के बाद चटक धूप में मकानों में आ रहीं दरारों से लोग भयभीत हैं। जर्जर हुए मकानों को लोग खुद ही मजदूरों की मदद से तोड़ रहे हैं। इधर, क्षेत्रीय पार्षद जल्द ही क्षेत्र के जर्जर मकानों की सूची नगर निगम कार्यालय में देकर सहायता की मांग करेंगे।
मथुरा में तीन दिन पहले तेज बारिश के कारण बैरागपुरा निवासी श्याम सुंदर शर्मा पुत्र रामनाथ शर्मा और उनके भाई गोपाल शर्मा का जर्जर मकान धराशायी हो गए थे। इन मकानों से सटे कुसुमलता सक्सेना पत्नी विष्णुदयाल सक्सेना के मकान की दीवारों में दरारें आ गई हैं। इससे मकान कमजोर हो गया है। सोमवार को भी रानी मंडी क्षेत्र में पांच मकानों में दरारें आ गईं। फर्श से लेकर छत तक आई दरारों के कारण मकान कमजोर होने के साथ ही गिरासू हालत में आ गए हैं।
रानी मंडी स्थित सत्यवती, कुलदीप सक्सेना, किशन सिंह, कांता देवी एवं रोशन सिंह के मकान में दरारें आ गईं हैं। मकानों में दरारें आ जाने से गिरासू मकान कभी भी गिर सकते हैं। फटे और दरारों के मकानों को लेकर लोग भयभीत हैं। मकानों के गिर जाने की आशंका के बीच वह मजदूर लगाकर मकानों के गिरासू हिस्से को हटा रहे हैं।
रानी मंडी निवासी किशन सिंह ने बताया कि बारिश में मकानों की नींव और दीवारों में पानी चल जाता है। इससे मकान कमजोर हो रहे हैं। स्थानीय निवासी कुलदीप ने बताया कि क्षेत्र में पानी निकासी के समुचित प्रबंध नहीं हैं न ही रास्ते सही हैं। यही कारण है कि बारिश का पानी मकानों को क्षति पहुंचा रहा है। क्षेत्रीय पार्षद ब्रजेश खरे ने बताया कि करीब 50 मकान पुराने और जर्जर हालत में हैं। वह कभी भी गिर सकते हैं। ऐसे जर्जर मकानों की सूची नगर निगम को दी जाएगी।
नगर निगम के अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार ने बताया कि मथुरा में निर्माण विभाग द्वारा सर्वे में 110 मकान जर्जर चिह्नित किए गए। इन सभी भवनस्वामियों को नोटिस भेजकर गिरासू मकानों को हटाने और उनकी मरम्मत कराने के निर्देश दिए है।