मथुरा। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की संपत्ति खरीद में किसी कारण से असफल रहने वालों को अब तीन दिन के दौरान अग्रिम जमा राशि वापस मिलेगी। इस मामले में बरती जा रही लापरवाही को विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एसबी सिंह ने गंभीरता से लिया है। इसके साथ ही आवंटित संपत्ति की रजिस्ट्री कराने से कतरा रहे आवंटियों के आवंटन को भी निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
सोमवार को मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की संपत्ति विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष एसबी सिंह ने देखा कि बड़ी मात्रा में ऐसी राशि मौजूद है जिसे विभिन्न संपत्तियों की नीलामी में भाग लेने वाले आवेदकों ने एडवांस राशि के रूप में जमा किया था, लेकिन महीनों गुजरने के बाद भी आवंटन न मिलने पर भी इस राशि को उन्हें वापस नहीं किया गया है।
इस पर नाराजगी जताते हुए एसबी सिंह ने कहा कि अब ऐसे मामलों में आवंटन न मिलने पर आवेदक की एडवांस जमा राशि को तीन दिन के अंदर वापस कर दिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने उन संपत्तियों की भी समीक्षा की जिनके आवंटन के बाद भी रजिस्ट्री नहीं की गई हैं।
पहले गलत भवन की लगवा दी बोली, अब आवंटी को लगवा रहे चक्कर
मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की नीलामी में रुक्मिणी विहार में भवन आवंटित होने के बाद भी आवंटी चक्कर लगा रहे हैं। कर्मचारियों ने कारण भी अजीबोगरीब बताया कि गलती से गलत भवन का आवंटन हो गया है।
गांव आयराखेड़ा राया निवासी मीरा ने रुक्मिणी विहार आवासीय योजना वृंदावन में स्थित एलआईजी भवन संख्या 02/जी 4 को 9.11 लाख में अंतिम बोली पर खरीदा था। बोली पर ही निर्धारित रकम जमा कर रसीद प्राप्त की और बाद में किश्तें जमा कीं। इसके बाद मीरा तब हैरत में पड़ गई जब कर्मचारियों ने बताया कि उक्त आवंटित फ्लैट की बिक्री आपके हक में गलत हो गई है। जबकि यह फ्लैट पूर्व में बिका हुआ है।
इसके स्थान पर इसी ब्लाक में दूसरा फ्लैट सेक्टर-3 में स्थित एलआईजी भवन संख्या 01/जी 1 आपको आवंटित कर देंगे। क्योंकि फ्लैट संख्या एलआईजी भवन संख्या 01/जी 1 के स्थान पर गलती से फ्लैट संख्या एलआईजी भवन संख्या 02/जी 4 पोर्टल पर अंकित हो गया है। मीरा ने मांग की है कि रुक्मिणी विहार आवासीय योजना में पूर्व में आवंटित भवन के स्थान पर दूसरा भवन समायोजित किया जाए।