मथुरा। जिले में लावारिस कुत्तों के बधियाकरण का काम जल्द शुरू होने जा रहा है। नगर निगम ने यह कार्य भोपाल की एजेंसी को दिया है। एजेंसी द्वारा सौंख रोड पर अस्थायी संरक्षण केंद्र बनाया जा रहा है। बधियाकरण करने वाली टीम मथुरा में आ चुकी है, जोकि कार्य शुरू करने से पहले तैयारियों में लगी है।
मथुरा-वृंदावन नगर निगम क्षेत्र में लगभग 80 हजार लावारिस कुत्ते हैं, इनकी तेजी से बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के साथ ही लोगों को काटने पर रेबीज बीमारी से बचाव के लिए एंटी रेबीज वैक्सीन भी लगाएगी। नगर निगम ने यह कार्य भोपाल की चैरिटेबल वेलफेयर सोसायटी फॉर ह्यूमन काईड एंड समिति को दिया है। संस्था की टीम सड़कों से कुत्तों को पकड़कर कैटल कैचर वैन से सौंख रोड पर बन रहे अस्थायी संरक्षण केंद्र पर ले जाएगी। यहां उनका बधियाकरण करने के साथ एंटी रेबीज का टीका लगाने के साथ ही तीन से चार दिनों तक उनके स्वास्थ्य की देखरेख की जाएगी। कुत्तों के पूर्ण स्वस्थ होने पर टीम द्वारा पुन: उसके मूल स्थान पर छोड़ा जाएगा।
एजेंसी के यूपी हैड अरुण सिंह ने बताया कि बधियाकरण के कार्य के लिए अस्थायी संरक्षण केंद्र सौंख रोड पर बनाया जा रहा है। इसमें एक साथ 150 कुत्तों के रखने की क्षमता है। एजेंसी पहले उन स्थानों से लावारिस कुत्तों को पकड़कर संरक्षण केंद्र ले जाएगी जहां लोगों को कुत्तों से ज्यादा परेशानी हो रही है। लोगों की शिकायत पर भी टीम पहुंचकर लावारिस कुत्तों का बधियाकरण करेगी। प्रति कुत्ता को पकड़ कर बधियाकरण और एंटी रेबीज टीका लगाने में 990 रुपये खर्च होंगे।
अपर नगर आयुक्त रामजीलाल ने बताया कि मथुरा-वृंदावन नगर निगम क्षेत्र में एक-दो दिन में लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए बधियाकरण का कार्य शुरू होने जा रहा है। इसके लिए अस्थायी संरक्षण केंद्र सौंख रोड बन रहा है। स्थायी संरक्षण केंद्र वेटरनेरी कॉलेज के सामने सीएनडीएस शाखा द्वारा बनाया जा रहा है। बधियाकरण के बाद एजेंसी द्वारा कुत्ते के स्वस्थ होने तक उसका ख्याल रखा जाएगा।