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Mathura News: फसल बीमा घोटाले में जांच के रडार पर 5 हजार किसान

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- छाता और गोवर्धन तहसील के अधिकांश गांवों में एक ही रकवा पर अनेक किसानों ने ले लिया था फसल बीमा
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- शासन ने 22 किसानों के खिलाफ दिए हैं वसूली के आदेश, इस संख्या में और हो गया इजाफा, 411 को नोटिस

संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा। फसल बीमा घोटाले की जांच में पांच हजार किसान रडार पर आ रहे हैं। इसमें अधिकांश जनपद की छाता और गोवर्धन तहसील के गांवों से जुड़े हैं। शासन ने इस मामले में 22 किसानों के खिलाफ रिकवरी के आदेश के साथ जिलाधिकारी को नए सिरे से जांच के लिए कहा है। इसमें 411 किसानों को कृषि विभाग नोटिस जारी कर चुका है, बीमा कंपनी द्वारा जारी किए गए नोटिसों की संख्या इससे कई गुना अधिक है।
बिना बोए फसल बीमा लेने के मामले में जांच का शिकंजा अब किसानों पर कसता जा रहा है। जनपद से शासन स्तर तक इस मामले में चल रही प्रक्रिया ने फर्जी तौर पर बीमा लेने वालों किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शासन स्तर से 22 किसानों के खिलाफ रिकवरी का फैसला होने के बाद अब अन्य लंबित प्रकरणों में भी यही कार्रवाई शुरू हो गई है। इधर, बीमा कंपनी ने भी अपनी जांच के साथ ऐसे किसानों की लिस्ट शासन को थमा दी है, जो बीमा घोटाले में संदिग्ध हैं।
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कृषि विभाग 411 किसानों को इसी मामले में नोटिस जारी कर चुका है, जबकि बीमा कंपनी एआईसी के नोटिस इससे कई गुना अधिक किसानों को जारी हुए हैं। ऐसी स्थिति को देखते हुए शासन ने इस पूरे मामले में जांच के आदेश जिलाधिकारी मथुरा को दिए हैं। इससे करीब पांच हजार किसान अब फसल बीमा घोटाले की जांच की रडार में आ गए हैं। इस पूरे मामले में कृषि विभाग के साथ राजस्व और बीमा कंपनी की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।
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वर्जन
फसल बीमा के घोटाले में जांच का दायरा बढ़ रहा है। शासन स्तर पर रिकवरी के फैसले के बाद जिलाधिकारी मथुरा को भी जांच को लेकर दिशानिर्देश दिए गए हैं।
- सुमीता सिंह, निदेशक कृषि सांख्यिकी विभाग


जनपद में 411 किसानों को संदिग्ध मानते हुए नोटिस दिए गए हैं, लेकिन किसानों ने इनका जवाब नहीं दिया है। बीमा कंपनी ने भी इससे अधिक संख्या में नोटिस जारी किए हैं। यह संख्या बड़ी है। शासन स्तर पर भी कार्रवाई जारी है।
- राजकुमार माथुर, उपनिदेशक कृषि
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