मथुरा। मुखबिरी के शक में जानलेवा हमले के पांच दोषियों को दस-दस साल की कैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा बृहस्पतिवार को एडीजे-7 प्रदीप कुमार तृतीय की कोर्ट द्वारा सुनाई गई। कोसीकलां थाने में यह मुकदमा वर्ष 2017 में दर्ज हुआ था।
कोसीकलां थाना क्षेत्र के ग्राम नगला सिरोली में 13 सितंबर 2017 की शाम को हरियाणा पुलिस ने एक आरोपी की तलाश में दबिश दी थी। पुलिस के लौटने के बाद मुखबिरी के शक में माजिद, साजिद, नसीब खां, समसू व उमर ने गांव के सिराजू व समशाद पर हरियाणा पुलिस की मुखबिरी करने के शक में फायरिंग कर दी थी। सिरजू को हाथ और जांघ में गोली लगी थी।
दोनों ने वहां से अपनी जान बचाकर भागे। अरशद ने इस मामले में माजिद, साजिद, नसीब खां, समसू व उमर के खिलाफ कोसीकलां थाने में जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने विवेचना कर इनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर आरोपियों को दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष की कैद और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
न्याय के प्रति आमजन का विश्वास बना रहेः कोर्ट
कोर्ट ने इस प्रकरण में सजा सुनाए जाने के दौरान सुप्रीम कोर्ट के निर्णय नेशनल ह्यूमन राइट कमीशन बनाम गुजरात राज्य (2009) 6 सीसीसी 767 का जिक्र भी किया। कहा कि न्यायालय को अपना यह दायित्व सदैव याद रखना चाहिए की उसके निर्णयों से न्याय के प्रति आमजन का विश्वास बना रहे।