मथुरा। १६१ साल पुराना जिलाधिकारी कार्यालय एक बार फिर पुनर्जीवित हो गया। जिलाधिकारी पुलकित खरे ने नए साल के पहले कार्य दिवस सोमवार को यहां बैठकर न केवल जनसुनवाई की बल्कि विभिन्न फाइलों को भी निपटाया। इस दौरान मिष्ठान वितरण भी किया गया।
मथुरा कलक्ट्रेट परिसर का निर्माण अंग्रेजी शासनकाल के दौरान सन १८६१ में हुआ था। यहां अंग्रेजी कलक्टरों के साथ आजाद भारत के विभिन्न जिलाधिकारियों ने बैठकर अपने पद का निर्वहन किया। २०१० तक यह दौर अनवरत चलता रहा। इस तरह करीब १५० साल पुराना भवन हो जाने के बाद नए भवन का निर्माण किया गया। तत्कालीन डीएम डीसी शुक्ला ने नए भवन में बैठना शुरू कर दिया लेकिन अंग्रेजी शासन काल में बने भवन का फिर से सौंदर्यीकरण होने के बाद वर्तमान जिलाधिकारी पुलकित खरे ने सोमवार को फीटा काटकर शुभारंभ किया।
इस मौके पर डीएम ने कलक्ट्रेट के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को नववर्ष की शुभकामनाएं दी। इस दौरान एडीएम वित्त योगानंद पांडेय, नगर मजिस्ट्रेट सौरभ दुबे, मुख्य कोषाधिकारी संतोष कुमार कुशवाहा सहित कलक्ट्रेट के विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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